उत्तराखंड : तीन दिन बाद भी दुल्हन के घर नहीं पहुंच पाई बारात, जानिए वजह

चंपावत : उत्तराखंड में बीते दिन बारिश का कहर बरपा। इस कहर में 54 लोगों की मौत हो गई। कई लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। कइयों के शव आज बरामद हुए। वहीं बीते दिन से मौसम भी साफ है। बारिश के कारण उत्तराखंड में हाहाकार मच गया। अमित शाह आज आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इस आपदा के बीच शादी ब्याह नहीं हो पाए। चंपावत के नायकगोठ से पिथौरागढ़ गई एक बारात तीन दिन बाद भी दुल्हन के घर पिथौरागढ़ नहीं पहुंच गई। दुल्हन पक्ष के लोग तीन दिन से बारात का इंतजार करते रहे।

पूर्णागिरि मार्ग स्थित नायकगोठ निवासी मुकेश बहादुर पुत्र प्रेम बहादुर का विवाह पिथौरागढ़ सिल्थाम बस स्टेशन के पास गोरखा कॉलोनी निवासी काजल के साथ होना था। विवाह का मूहर्त 18 अक्टूबर को निकला था। 17 अक्टूबर को प्रशासन द्वारा 18 अक्टूबर को मौसम अलर्ट जारी किए जाने के बाद मुकेश बारात को टनकपुर पिथौरागढ़ एनएच से न ले जाकर 18 अक्टूबर को हल्द्वानी भीमताल होते हुए पिथौरागढ़ जाने को निकल गए। बारिश के बीच वह जैसे तैसे भीमताल तक पहुंची जहां आगे के मार्ग बंद होने से वह बीच में फंस गए। उनके साथ चार वाहनों में करीब 25 लोग है।

रात में फंसने पर उन्होंने भीमताल स्थित एक होटल में रुक गए। वहां भी बारिश के चलते होटल में मलबा आ गया। उप प्रधान राहुल ने बताया कि मंगलवार शाम तक उनसे बात हुई लेकिन बुधवार को उनसे संपर्क भी नहीं हो पाया। पिथौरागढ़ भी वह लोग नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि यह शादी दशहरे पर होनी थी लेकिन किसी कारणवश शादी की तिथि को आगे बढ़ानी पड़ी। यह लोग अभी भी भीमताल में फंसे हुए हैं। दुल्हन पक्ष के लोग बारात के पहुंचने का इंतजार कर लगातार उनसे संपर्क करने में जुटे हुए हैं।

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