सम्पादकीय
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यूं ही नहीं बनता कोई पुष्कर, मोहरे भी किसी के, बिसात भी लेकिन खेला अपनी शर्त पर
यूं ही नहीं कोई बनता पुष्कर , मैं ये बात इसलिए नहीं कहता कि पुष्कर मेरे मित्र हैं या मैं…
यूं ही नहीं कोई बनता पुष्कर , मैं ये बात इसलिए नहीं कहता कि पुष्कर मेरे मित्र हैं या मैं…
बात सन 2005 की है , देश के एक बहुत बड़े मीडिया घराने को कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व नारायण…