उत्तराखंड में बाप को मौत के घाट उतारने के लिए बेटी ने गिरवी रखा मंगलसूत्र, पति ने दिया साथ

उत्तराखंड में एक बेटी ने अपने ही पिता को मौत के घाट उतारने के लिए अपने झुमके और मंगलसूत्र बेच दिया। हालांकि जब आप इसकी वजह सुनेंगे तो और भी ज्यादा हैरान रह जाएंगे। बेटी ने अपनी मां के साथ मिलकर अपने पिता की हत्या की।
बेटी ने मां और पति के साथ मिलकर बाप को उतारा मौत के घाट
दरअसल ये पूरा मामला अल्मोड़ा के दन्या का है। जहां 20 जून की रात एक बेटी ने अपनी मां और पती के साथ मिलकर अपने ही पिता चंद्रशेखर पांडेय को मौत के घाट उतार दिया। बेटी सबसे पहले हरियाणा से कार लेकर दनिया पहुंची। इसके बाद तीनों ने मिलकर चंद्रशेखर पांडेय के सिर हाथ पैर और शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार किए।
नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज
इसके बाद आरोपी चंद्रशेखर पांडेय को मृत समझकर वहां से भाग गए। लेकिन तब तक चंद्रशेखर जिंदा थे। इलाज के लिए हल्द्वानी लाया गया जहां इलाज के दौरान चंद्रशेखर की मौत हो गई। चंद्रशेखर के पिता ने अपनी बहू, पोती और दामाद के खिलाफ नामजद हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
शराब के नशे में पत्नी से करता था मारपीट
बताया जा रहा है कि 40 साल के चंद्रशेखर पांडेय कथित तौर पर शराब के नशे में अक्सर अपनी पत्नी खष्टी देवी के साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था। परिवार के अंदर चल रहा ये तनाव धीरे-धीरे बेटी और दामाद तक भी पहुंचा। वक्त बीतने के साथ साथ खष्टी देवी पर जुल्म बढ़ते जा रहे थे। मां अपनी तकलीफ फोन पर बेटी जानकी को बताती थी। बेटी ये सब सुनकर अंदर ही अंदर टूटती जा रही थी।
बेटी तक पहुंची गृह कलेश की बात
बता दें कि जानकी की शादी इसी साल अप्रैल में हरियाणा के हांसी निवासी धर्मवीर शर्मा से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, दामाद को अपनी सास के साथ हो रही कथित मारपीट का पता चला। जिसके बाद उसने फोन पर अपने साले को चेतावनी दी थी कि अगर यह सब नहीं रुका तो वह चंद्रशेखर को मार देगा। इसी के बाद शुरू हुई साजिश, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया।
एक महीने से चल रही थी हत्या की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि पिछले करीब एक महीने से हत्या की योजना बनाई जा रही थी। अल्मोड़ा आने के लिए पैसे जुटाने तक की तैयारी की गई। धर्मवीर ने अपनी सोने की अंगूठी बेच दी। जबकि जानकी ने अपना मंगलसूत्र और कान के झुमके बेचकर सफर और बाकी इंतजाम के लिए रकम जुटाई।
दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की तीन टीमों ने कई राज्यों में आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान हिसार से आरोपियों की छोड़ी हुई कार बरामद हुई। 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस को उनकी लोकेशन जम्मू-कश्मीर के कटरा में मिली। स्थानीय पुलिस की सहायता से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर अल्मोड़ा लाया गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
कानूनी कार्रवाई की जा रही
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। अदालत में सबूतों और गवाहों के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी। हालांकि जब से ये मामला सामने आया है सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।