उत्तराखंड: बंद हो गई तीसरी आंख, खतरे में शहर की सुरक्षा

हल्द्वानी (योगेश शर्मा): शहर की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे हो गयी है। क्योंकि शहर की तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे ही बंद पड़े है, अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, सुरक्षा व्यवस्था पुलिस के लिये चुनौती साबित हो रही है, क्योंकी किसी भी शहर में यातायात को कंट्रोल करने और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे की मदद ली जाती है।

लेकिन, पुलिस की तीसरी आंख सीसीटीवी भी हल्द्वानी में बंद पड़े हैं जिससे माना जा सकता है कि शहर की सुरक्षा राम भरोसे है, हल्द्वानी में पुलिस विभाग और विधायक निधि से शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लेकिन 60 कैमरों में से अभी 34 सीसीटीवी कैमरे बन्द पड़े हुए हैं, कुमाऊँ का प्रवेश द्वार हल्द्वानी शहर लाखों की आबादी वाला शहर है। जहां रोज हजारों लोगों की आवाजाही होती है। इसके अलावा हल्द्वानी बाजार में भी काफी भीड़ उमड़ती है, इन दिनों शहर में आपराधिक वारदातों के साथ ही क्राइम का ग्राफ भी बढ़ा है।

चेन स्नैचिंग, नशीले पदार्थ की तस्करी, लूट और चोरी जैसे संगीन अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिनमें से कुछ मामलों का खुलासा पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही किया है, हल्द्वानी में सीसीटीवी कैमरे सबसे व्यस्ततम चौराहे तिकोनिया, रोडवेज स्टेशन, मुख्य बाजार और अन्य चौराहों पर लगाए गए हैं जहां ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करना है या फिर उन जगहों में लगाए गए हैं।

जहां से अपराधी अपराध को अंजाम देकर भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब सीसीटीवी कैमरे ही बंद पड़े हो तो पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से क्या मदद मिल पाएगी, इसे पुलिस की नाकामी ही कहा जा सकता है कि पुलिस विभाग द्वारा लगाए गए 60 कैमरों में से 34 कैमरे बंद पड़े हुए हैं।

एसपी सिटी के मुताबिक सीसीटीवी की मेंटेनेंस निजी संस्था द्वारा टेंडर के माध्यम से करायी जा रही थी, लेकिन कार्यदाई संस्था के साथ अनुबंध खत्म हो चुका है, सीसीटीवी कैमरे मरम्मत और इंस्टॉल करने के लिए बजट की आवश्यकता है, लेकिन पुलिस की तीसरी आंख सीसीटीवी कैमरों के लिए ही बजट का अभाव है, हालांकि बजट के लिए पुलिस मुख्यालय को लिखा गया है।

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