उत्तराखंड : पकड़ा गया तराई का वीरप्पन, जंगल में लगाई थी अवैध हथियारों की फैक्ट्री

रुद्रपुर: एसटीएफ की कमान जब से आईपीएस अजय सिंह के हाथ आई, तब से लेकर आज तक लगातार एसटीएफ एक के बाद एक बदमाशों को पकड़ने में कामयाब हो चुकी है। ऐसी ही कामयाबी एसटीएफ को ऊधमसिंह नगर में मिली है। नानकमत्ता के जंगलों में चल रही हथियारों की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान मुठभेड़ के बाद इनामी कुख्यात गुरदीप सिंह उर्फ दीपा और उसके तीन साथी भी पकड़े गए हैं। वह नेपाल के सीमावर्ती जनपदों में भी सक्रिय था। उसे तराई का विरप्पन भी कहा जाता था। वर्तमान में पुलिस इसके ऊपर इनाम को और बढ़ाने की तैयारियां भी कर रही थी।

मौके से भारी मात्रा में अवैध असलाह और बंदूक तमंचे आदि बनाने का सामान बरामद हुआ है। गुरदीप उर्फ दीपा पर 10 हजार रुपये का इनाम है और वह हत्या, लूट व डकैती के मामलों में 12 सालों से फरार चल रहा था। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि नानकमत्ता के पास कामन नदी के जंगलों में गुरदीप उर्फ दीपा के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। गुरदीप आसपास के लोगों को डरा धमकाकर गैंग चला रहा है। उसने वहां पर हथियार बनाने की अवैध फैक्ट्री भी चलाई हुई है। इस सूचना पर वहां इंस्पेक्टर संदीप नेगी और एसआई यादवेंद्र बाजवा को लगाया गया।

शनिवार तड़के पुख्ता सूचना पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम वहां पहुंची तो बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस पर एसटीएफ ने भी जवाबी कार्रवाई में कई राउंड फायर किए। कुछ देर बाद बदमाश सुदली मठ के जंगलों में भागने लगे। एसटीएफ ने उनका पीछा किया और कुछ देर बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें गुरदीप सिंह उर्फ दीपा है। उसके साथी कमलदीप उर्फ कुलदीप सिंह और बलवीर सिंह हैं।

पूछताछ में इनामी दीपा ने बताया कि वह 12 सालों से फरारी काट रहा है। उसके खिलाफ ऊधमसिंनह नगर में लूट, हत्या और डकैती के कई मुकदमे दर्ज हैं। हथियार बनाकर वह इन्हें बाहर सप्लाई करता था। एसटीएफ एसएसपी ने बताया कि इनके कब्जे से दो बंदूक 12 बोर, एक पिस्तौल 32 बोर और 28 बंदूक की नाल व कुछ कारतूस बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह सब उनके द्वारा ही बनाए गए थे।

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