उत्तराखंड: जानें क्या है ऋषिगंगा प्रोजेक्ट, कैसे हुई घटना

देहरादून : ऋषिगंगा प्रोजेक्ट बिजली उत्पादन का प्रोजेक्ट है, जिसमें पानी के प्रवाह के जरिए बिजली बनाने का काम चल रहा था. इस प्रोजेक्ट को विस्तार देने का काम भी चल रहा है. यह प्रोजेक्ट ऋषि गंगा नदी पर बनाया गया है और यह नदी धौली गंगा में मिलती है. ऋषि गंगा जिस जगह धौली गंगा में मिलती है, वहां ही व्यापक स्तर पर यह प्रोजेक्ट बन रहा है. ऋषि गंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट रेणी गांव में प्रमुख तौर पर है और इसके जरिए 35 मेघावाट हावर बिजली बनाने का लक्ष्य है. इससे उत्तराखंड समेत दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर भारत में बिजली देने की योजना थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में खास तरीके से बिजली बनाई जा रही है. दरअसल, कई प्रोजेक्ट में पहले बांध बनाया जाता है और वहां पानी रोककर पानी का प्रवाह बढ़ाकर बिजली बनाई जाती है. वहीं, इस प्रोजेक्ट में लगातार पानी के प्रवाह में टरबाइन लगाकर बिजली बनाई जा रही थी. जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड के जोशीमठ में एक ग्लेशियर गिरने से एक बांध टूट गया है.

इससे पानी का प्रवाह काफी तेज हो गया है और काफी स्पीड से पानी नीचे आ रहा है. इस पानी में ही कई लोगों के बह जाने की खबर आ रही है. यह हादसा तपोवन के ऊपर एक नदी ‘धौली गंगा’ में हुआ है. दरअसल, बताया जा रहा है कि ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा पहाड़ों से बहकर नीचे आया, जिसकी वजह से बांध टूट गया और नदी के पानी का प्रवाह काफी तेज हो गया.

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