उत्तराखड: बदबू में कैसे पढ़ेंगे छात्र, स्कूल के बाहर फेंकी जा रही मछली बाजार की गंदगी

रुड़की: स्कूल में स्टूडेंट्स पड़ने आते हैं, लेकिन रुड़की में दो स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों का पढ़ाई के वक्त बदबू से दम घुटने लगता है। इन दो स्कूलों के बाद लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हैं। कोरोना के कारण बंद स्कूल लंबे समय के बाद खुले हैं, लेकिन अब स्कूल में बच्चों को दुर्गंध से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं बहुत परेशान हैं। वहीं, स्कूल टीचरों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। कूड़ा हटाने के बाजाय वहां और कूड़ा डोला जा रहा है, जिसके चलते बच्चों को दिक्कत हो रही है। बीमारी का खतरा भी हो रहा है।

स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का कहना है कि कूड़े की बदबू इतनी भयंकर होती है कि उन्हें पढ़ाई करना भी दुश्वार हो जाता है। क्योंकि इस कूड़े में मछली बाजार का वो कूड़ा भी होता है, जिसमे बदबूदार अवशेष होते हैं। स्कूल टीचर का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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