बिन मोबाइल फोन के करते थे बड़ा कांड, ऋषिकेश पुलिस ने किय़ा हरियाणा के शातिर सांसी गैंग का पर्दाफाश

ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी देहात और कोतवाली ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने रोहतक हरियाणा के सांसी गैगं के गहने और नकदी चुराने वाले 03 (तीन) शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पुलिस और एसओजी टीम ने डेढ़ लाख रुपए बरामद किए हैं। बता दें कि तीन अलग अलग लोगों ने चोरी की शिकायत पुलिस में की थी जिस पर कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बाकियों की तलाश की जा रही है। और जानकारी जुटाई जा रही है कि आखिर इस गैंग में कौन कौन शामिल है।

पूछताछ में पता चला कि यह गैंग गांव कड़ीया जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश की रहनें वाली है और सांसी जाति के लोग हैं। गांव मे हर कोई चोरी, जेब तराशी के अपराधों में लिप्त है। इस गैंग मे वारदात करनें के लिए चार से पांच व्यक्ति मौजूद रहते हैं। जो आवागमन मे कार का उपयोग करते हैं। जिसकी नम्बर प्लेट फर्जी होती है। मोबाईल फोन का प्रयोग ये लोग बिलकुल नहीं करते या दूसरे राज्यों की फर्जी सिम का प्रयोग करते हैं जिससे पुलिस उन तक नही पहुंच सकें। ये लोग किसी ऐसे होटल या स्थान पर नही रूकतें जहां इनसे आईडी मांगी जाए। इसकी बजाए धार्मिक स्थानों पर जहां अकसर ज्यादा पूछताछ नही होती या हाईवे पर बने ढाबों पर रात गुजारतें है। जिस स्थान पर ये रूकते है उससे कम से कम 100 कि.मी. की दुरी पर ये लोग वारदात करते है। किसी भी स्थान पर एक दिन से ज्यादा नही रूकते है।

01- वारदात करनें के लिए ये ऐसे बैंक का चयन करतें है जो मुख्य बाजार में हो तथा भीड़ भाड़ हो। ज्यादातर ये लोग भारतीय स्टेट बैक का चयन करते है जो मुख्य बाजार मे स्थित हो। गैग मे से एक या दो व्यक्ति बैंक मे जाकर ये देखते है कि किस व्यक्ति द्वारा नगदी निकलवाई गई। इनका एक सदस्य बैंक से बाहर रहता है। एक साथी काफी दूरी पर कार लेकर खड़ा रहता हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति थैले या बैग में नगदी निकलवाकर बाहर आता है तो रेकी करने वाला व्यक्ति बाहर खड़े व्यक्ति को ईशारा कर देते है और वह पीड़ित के पीछे लग जाता है और जैसे ही उसका ध्यान भंग होता है उसकी नगदी भरा थैला या बैग पार कर लेते है। उसके बाद आँटो पकड़कर पहले से खड़ी की गई कार के पास पहुंच कर फरार हो जाते हैं।

02- यह गैंग कृषि उपज मंडी जहां पर लोग फसल बेचकर नगदी प्राप्त करते है या त्यौहारों के समय भीाड़ भाड़ वाले स्थानो पर रेकी करते है। कोई व्यक्ति नगदी या कीमती सामान बैग मे ले जा रहा हो तो उसकी रेकी करते है और इनमें से ही गैंग का एक सदस्य बिस्किट चबाकर शिकार के कपड़ो पर थूक देता है जो उल्टी या मैले जैसा दिखता है। शिकार व्यक्ति मैले को खुद देखकर या किसी व्यक्ति द्वारा बताने पर रूक जाता है और आस पास कोई नल या पानी का स्रोत तलाश करता है ताकि वह मैला साफ कर सके। गैंग के सदस्य उसका पीछा करते रहते है। जैसे ही शिकार किसी स्थान पर अपना बैग नीचे रखकर मैले को साफ करने लग जाता है और मौका पाकर ये लोग बैग पार कर लेते है।

03- बस तथा रेलवे स्टेशन आदि में लोगों को चिन्हित कर उनके आसपास अपना बैग रख देते हैं तथा मौका पाकर बैग बदलकर घटना को अंजाम देते हैं।

पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग सांसी गैंग के सदस्य हैं तथा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड आदि जगहों पर चोरी व टप्पे बाजी की घटनाएं करते हैं। हम लोग 8- 10 दिन से टप्पे बाजी की घटना करने के लिए ऋषिकेश बस अड्डे के आसपास घूमते रहे थे, तथा मौका देखकर या बातों में उलझा कर लोगों का सामान उनके बैग में से चुरा लिया करते हैं। हम तीनों के अलावा हमारे दो अन्य साथी भी हमारे साथ उक्त घटना में शामिल रहे हैं। हम पांचों ने मिलकर 16 जून, 18 जून व 23 जून को बस अड्डा ऋषिकेश में तीन घटनाएं की थी, तथा तीनों वारदातों में हमें सोने के गहने मिले थे। जिसको लेकर हमारा साथी मुकेश व सोनू रोहतक चले गए थे। दिनांक 25 जून को मुकेश ने हम तीनो को 50-50 हजार रुपए दिए थे।

आपको बता दें कि 26 जून को शिकायतकर्ता ऋतुराज कुडियाल पुत्र श्री सियाराम कुडियाल निवासी ढालवाला मुनी की रेती, ने एक प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 18 जून को मेरी पत्नी का आईएसबीटी ऋषिकेश में अज्ञात व्यक्ति द्वारा बैग में रखी ज्वेलरी को चोरी कर लिया गया है। शिकायतकर्ता की उक्त शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 296/21 धारा 379 आईपीसी पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।

2- वहीं 27 जून को शिकायतकर्ता सोहन सिंह नेगी पुत्र श्री मोहन सिंह नेगी निवासी गढ़वाली मोहल्ला बालावाला ने
में एक प्रार्थना पत्र दिया कि 16 जून की सुबह मैं ऋषिकेश बस अड्डे पर अपनी माता जी के साथ खड़ा था, जहां से उनका पर्स चोरी हो गया। जिसमें गले का हार, झुमके आदि सामान था। शिकायतकर्ता की उक्त शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 297/21, धारा 379 आईपीसी पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।

3-  27 जून को शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह रमोला पुत्र स्वर्गीय श्री उदय सिंह रमोला निवासी टिहरी विस्थापित कॉलोनी हरिद्वार के द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया कि 23 जून को दोपहर के समय टिहरी गढ़वाल की बस में ऋषिकेश से हरिद्वार जाते समय किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ज्वेलरी को चोरी कर लिया गया है। शिकायतकर्ता की उक्त शिकायत पर कोतवाली ऋषिकेश में मुकदमा अपराध संख्या 298/21 धारा 379 आईपीसी पंजीकृत कर विवेचना शुरु की गई। एसएसपी के निर्देश पर एसओजी देहात और ऋषिकेश पुलिस की 04 (चार) संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया और बीती शाम मुखबिर की सूचना पर सीसीटीवी से मिली फोटो के आधार पर तीन (3) संदिग्ध व्यक्तियों को आईएसबीटी ऋषिकेश के अंदर से गिरफ्तार किया गया है।

टीम 
शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश
1- वउनि मनमोहन सिंह नेगी
2- उनि मुकेश नेगी, चौकी प्रभारी आईएसबीटी
3- उनि ओम कांत भूषण, प्रभारी एसओजी देहात
4- उनि शांति प्रसाद चमोली, एसओजी देहात
5- कांस्टेबल संदीप छाबड़ी
6- कांस्टेबल सचिन राणा
7- कांस्टेबल अनित कुमार
8- कांस्टेबल सचिन सैनी
9- कांस्टेबल विकास कुमार
10- सोनी कुमार (एसओजी देहात)
11- कांस्टेबल नवनीत सिंह नेगी (एसओजी देहात)
12- कांस्टेबल कमल जोशी (एसओजी देहात)
13- म०कांस्टेबल जमुना नेगी (एसओजी देहात)

नाम पता अभियुक्त
1- संजय कुमार पुत्र श्री मन्थीराम निवासी करतार पुर थाना रोहतक सिटी जिला रोहतक हरियाणा
उम्र 44 वर्ष

2- विनोद कुमार पुत्र श्री सतवीर सिंह निवासी करतारपुर थाना सिटी रोहतक जिला हरियाणा
उम्र 28 वर्ष

3- सत्यवान पुत्र श्री चंदू निवासी ग्राम पेटवाण थाना नारनौल जिला हिसार हरियाणा
उम्र 45 वर्ष

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