बड़ी खबर : देश में बिगड़ सकते हैं हालात, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिए ये निर्देश

केंद्र ने राज्यों को ओमिक्रॉन से खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कहा है। इसमें कहा है कि कोरोना के नए वायरस से विकट हालात आ सकते हैं। इसके लिए राज्यों को तैयारी करनी होगी। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने राज्यों को लिखे खत में कहा कि ओमिक्रॉन के देश में 578 मामले मिल चुके हैं।

यह 19 राज्यों में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 21 को जारी एडवाइजरी में मानक फ्रेमवर्क जारी किया था। अब इनका कड़ाई से पालन करने और उच्च सजगता रखने का समय है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) बिना लक्षणों वाले मरीजों के आइसोलेशन का समय घटाने पर विचार कर रहा है। जानकारी के मुताबिक आइसोलेश का समय 10 दिन से घटाकर 5 हो सकता है।

इसके बाद मरीज का 5 दिनों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा जब दूसरों के आसपास होगा। देश में कोरोना के 6531 नए मरीज मिले, जबकि 315 की मौत हो गई। दिल्ली में 331 केस मिले हैं। यह छह माह में सर्वाधिक है। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 75,841 हो गई है। 4,79,997 मरीजों की मौत हो चुकी है।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने जायकोव- डी टीके को आपात स्थिति में 12 से 18 वर्ष के बच्चों को देने की अनुमति 20 अगस्त को दी थी। टीका उपलब्ध होने के बाद बच्चों के टीकाकरण की गति मिलने की उम्मीद है। टीकाकरण के लिए किशोरों व बूस्टर डोज के लिए कोरोना योद्धा और बुजुर्ग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पंजीकरण करा सकेंगे।

15 से 18 साल तक के किशोर कोविन पर नया अकाउंट बनाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। वहीं बुजुर्ग, स्वास्थ्य कर्मी बूस्टर डोज के लिए पुराने अकाउंट पर ही पंजीकरण करा सकते हैं। टीके की दूसरी खुराक लेने के समय के बाद बूस्टर डोज की तिथि तय होगी। लोगों को बूस्टर डोज कब लगेगी इसकी सूचना भी टीके के लिए पंजीकृत नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी।

ऑक्सीजन सप्लाई, जरूरी दवाओं व चिकित्सा उपकरणों को अतिरिक्त स्टॉक में रखें। जिलों में लॉकडाउन व त्योहारों के समय जरूरत के अनुसार भीड़ पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। जांच, ट्रैक, इलाज, टीकाकरण और कोविड अनुरूप आचरण पर पूरा जोर दें। लोगों को मास्क पहनने और आपस में सुरक्षित दूरी रखने के लिए सख्ती कर सकते हैं। जिलों के लिए कहा गया है कि वे हालात का लगातार मूल्यांकन करें। जरूरत हो तो तत्काल कंटेनमेंट जोन बनाएं। दूरदर्शिता, डाटा विश्लेषण, समय के अनुसार निर्णय लें।

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