UttarakhandHighlight

एक अनार सौ बीमार!, BJP किसे देगी टिकट और किसे करेगी नाराज?

क्या बीजेपी(BJP) के सिपाही आपस में ही भिड जाएंगे? आखिर बीजेपी टिकट किसे देगी और किसे करेगी नाराज? ये सारे सवाल इसलिए क्योंकि बीजेपी में इन दिनों एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति चल रही है। 2027 के चुनाव( Uttarakhand Election 2027) के टिकट बाटना बीजेपी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होने वाले हैं। अब हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? आखिर बीजेपी में क्या चल रहा है? क्या बीजेपी में अब अपनों के बीच ही द्वंद युद्ध छिड़ने वाला है? चलिए इस आर्टिकल में इस पूरी बात को जानते है।

2027 के चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं Uttarakhand Election 2027

2027 के चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं। पक्ष और विपक्ष की नजर सत्ता के सिंहासन पर टिकी हुईं हैं। हालांकि ऐसे में बीजेपी उन 23 सीटों पर अपनी बिसात बिछाने की तैयारी में है, जहां 2022 में बीजेपी को मात मिली थी। लेकिन बीजेपी अपने ही बनाए चक्रव्यू में फंसती नजर आ रही है।

कई बड़े नेताओं ने थामा हाथ,टिकट के लिए मजूबत दावेदार

दरअसल बीते चार साल में कांग्रेस के साथ ही दूसरे दलों से कई वरिष्ठ नेता बीजेपी का पटका पहनकर बीजेपी के कुनबे में शामिल हो गए। अब यही लोग आने वाले चुनाव में टिकट के लिए मजबूत दावेदारी कर रहे हैं। तो वहीं दायित्वधारी, प्रदेश पद्धिकारी और मेयर भी दौड़ में हैं।

BJP पार्टी के अंदर ही कई मजबूत दावेदार

आलम ये है कि कई सीटों पर मौजूदा विधायकों के सामने पार्टी के अंदर दो-दो और तीन-तीन मजबूत दावेदार चुनाव के अखाड़े में उतरने को तैयार हैं। अब एक अनार के पीछे इतने बीमारों के चलते टिकट बांटना बीजेपी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहने वाला है।

एक अनार सौ बीमार, कई नेता लिस्ट में

काशीपुर सीट से मेयर दीपक बाली चुनाव लड़ना चाहते हैं। कोटद्वार से मेयर शैलेन्द्र रावत और रुद्रपुर के मेयर विकास शर्मा, दोनों की नजरें यमकेश्वर सीट पर हैं। पिथौरागढ़ की मेयर कल्पना देवलाल भी टिकट की लाइन में हैं। तो वहीं कालाढूंगी से मेयर गजराज बिष्ट ने भी टिकट की मांग की है।

ऐसे ही बीजेपी के 10-15 मेयर विधानसभा की चुनावी रणभूमी में उतरने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। वहीं कई दायित्वधारी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। दायित्वधारी विनय रोहेला, दिनेश मेहरा, कैलाश पंत और हेमराज सिंह बिष्ट जैसे कई और नाम भी इस रेस की लाइन में लगे हैं।

सीटिंग विधायक पार्टी की पहली प्राथमिकता

वहीं बीजेपी विधायक विनोद चमोली का भी कहना है कि सिटिंग विधायक पार्टी की पहली प्राथमिकता होगी। हालांकि अब सवाल ये है कि अगर अब इन महत्वाकांक्षी चेहरों को टिकट नहीं मिला तो क्या होगा? संगठन को इस बात का अंदेशा है कि टिकट कटने जैसे हालातों में ये नेता एक बार फिर अपना पाला बदल सकते हैं। या फिर भीतरघात करके अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार की लुटिया भी डुबो सकते हैं।

बीजेपी की लड़ाई विपक्ष से पहले अपनों से

लिहाजा इस संभावित बगावत को रोकने के लिए बीजेपी अभी से डैमेच कांट्रोल में जुट गई है। हालांकि बीजेपी में अब लड़ाई विपक्ष से पहले अपनों से भी है। तो ये देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपना गुणा भाग बिठाकर टिकटों का बंटवारा कैसे करती है और कितनों को नाराज करती है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें