उत्तराखंड : तीन महीने के बच्चे को कमरे से उठा ले गया बंदर, मौत!

टनकपुर: बंदरों के आतंक घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। लेकिन, टनकपुर में बंदर ने एक दिल दहलाने वाली घटना कां अंजाम दे दिया। घर में सोए एक तीन माह के मासूम को बंदर उठाकर छत पर ले गया और पानी से भरी की बाल्टी में उसे डाल दिया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि बच्चे की मौत दम घुटने से हुई है।

टनकपुर के मुख्य बाजार वार्ड नंबर आठ नेहरू मार्ग निवासी तीन वर्षीय जुबीन पुत्र शहनवाज की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। बच्चा घर की छत में बने बाथरूम के पास पानी से भरी बाल्टी में औंधे मुंह गिरा मिला। बेहोशी की हालत में स्वजन उसे उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय ले गए जहां डाक्टर घनश्याम तिवारी ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्चे के दादा पूर्व सभासद अनीश अहमद ने बताया कि जुबिन अपनी माता साजिया के साथ सोया हुआ था। मंगलवार की सुबह पांच बजे उसकी मां उठकर घर के काम में जुट गई। इस बीच बंदर ने कमरे में घुसकर जुबिन को कंबल सहित घसीट लिया और छत पर ले जाकर पानी की बाल्टी में डुबो दिया। बताया कि छह बजे करीब मां बिस्तर के पास गई तो उसने बच्चे पर बिस्तर पर नहीं पाया। जिसके बाद उसकी खोजबीन की गई। जुबिन छत पर पानी से भरी बाल्टी में औंधे मुंह गिरा था।

वन विभाग स्वजनों की इस बात से सहमत नहीं हैं। एसडीओ एसके मौर्या ने बताया कि सुबह के समय बंदर सोए रहते हैं और वे धूप निकलने के बाद झुंड में ही निकलते हैं। इतनी सुबह बंदरों के घर में आने की संभावना काफी कम है। अलबत्ता विभाग भी अपने स्तर से मामले की जांच करेगा। पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर उसे पीएम के लिए भेज दिया है।

मामला में संदेह होने पर पुलिस जांच में जुट गई है। कोतवाल हरपाल सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जल्दी ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। रेंजर महेश सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना के दिन सुबह नौ बजे तक भी घर के आस-पास कोई भी बंदर नहीं दिखाई दिया। अगर बंदर ही बच्चे को घसीटकर ले जाने की बात सही साबित हुई तो का मामला सामने आया तो पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। इस घटना के बाद स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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