उत्तराखंड : 17 साल बाद मिला जवान का शव, सैन्य सम्मान के साथ परिजनों को सौंपा पार्थिव शरीर

उत्तरकाशी : 12 सितंबर को गंगोत्री नेशनल पार्क की संतोपंथ चोटी की ऊंचाई नापने के लिए गए आर्मी के जवानों को 25 सितंबर को चोटी पर सालों पुराना शव का अवशेष मिला था जिसे सेना ने गंगोत्री पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और डीएनए जांच के लिए सैंपल भी लिया था। सेना ने परिस्थितियों को देखते हुए शव की पहचान की और सैनिक का पार्थिव शरीर आज उनके परिजनों को सौंपा।

परिस्थितियों को देखते हुए सेना ने की पार्थिव शरीर की पहचान

आपको बता दें कि सेना ने बरामद पार्थिव शरीर के वर्ष 2005 में सतोपंथ आरोहण के दौरान लापता हुए नायक अनीश त्यागी पुत्र राजकुमार निवासी मोदीनगर गाजियाबाद उत्तरप्रदेश होने की आशंका जताई थी। उक्त जवान सेना के आरोहण दल का सदस्य था। जो कि आरोहण के दौरान एवलांच में दबने से 2005 को लापता हो गया था। सेना ने बरामद जवान के पार्थिव शरीर के अवशेषों और उसके सेना के कपड़ों के साथ जूते से उसकी जवान होने की आशंका जताई थी। बाद में सेना की ओर से सौंपे गए जवान के पार्थिव शरीर का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम भी कराया गया और डीएनए टेस्ट के लिए उसके सैंपल भी लिया है।

वहीं आज सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में लापता जवान के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ विदा किया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षदीप गहलोत ने जानकारी दी कि साल 2005 की घटना की परिस्थितियों और जिस स्थान पर शव मिला है, उसकी परिस्थितियों के मिलान के आधार पर उसकी पहचान की गई है।

गंगोत्री नेशनल पार्क की दूसरी सबसे ऊंची चोटी में हुए थे लापता

आपको बता दें कि राज्य में गढ़वाल अंचल में स्थित हिमालय रेंज के बीच गंगोत्री नेशनल पार्क की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है सतोपंथ, जिसकी ऊंचाई 7075 मीटर मानी जाती है. यहां सेना का एक खोज दल आया हुआ था. उत्तरकाशी में भारतीय सेना के बेस के कुछ जवान खोज दल के दौरान इसलिए पहुंचे थे क्योंकि यह अभियान स्वर्णिम विजय वर्ष के उत्सव से जुड़े कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा था. इसी दौरान इन्हें एक पर्वतारोही का शव मिला. सेना के जवानों के दल ने शव के अवशेषों को कब्जे में लिया औऱ गुरुवार रात को गंगोत्री पुलिस को सौंपा।

2005 में सेना का एक जवान हुआ था यहां लापता

सेना ने बताया था कि संतोपत पर्वत चोटी की ऊंचाई नापने के लिए 12 सितंबर को एक खोजी दल रवाना हुआ था, जिसमें 25 जवान थे जिन्हें एक शव मिला. सेना ने आशंका जताई थी कि 2005 में सेना का ही जो एक दल चोटी को नापने के लिए गया था, यह शव उन्हीं में से किसी पर्वतारोही का हो सकता है।

उत्तरकाशी एसपी मणिकांत मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही डीएनए टेस्ट भी किया जाएगा। वहीं सेना ने कहा था कि अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि ये शव सेना के जवान का है तो पूरे सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं आज सेना ने जवान के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंपने के लिए उनके पैतृक गांव पहुंचाया।

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