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रुद्रप्रयाग में कई जगह गिरे बड़े बोल्डर, लगा लंबा जाम, गर्भवती महिला को ले जा रही एंबुलेंस फंसी

bad weather in uttarakhand

उत्तराखंड में पिछले साल की तरह इस साल भी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। या हम यूं भी कह सकते हैं कि हर साल बारिश का कहर देखने को मिलता है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों क्षेत्रों के लोगों को ज्यादा भुगतना पड़ता है। बारिश के कारण प्रदेश भर की कई सड़कें टूट गई हैं। हजारों यात्री लंबे जाम में फंसे हुए हैं। रुद्रप्रयाग में कई रास्ते बंद हैं। 24 घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया है लेकिन सड़क खुल नही पाई है। जेसीबी से मलबा हटाने का काम जारी है। देवप्रयाग-केदारनाथ मार्ग बीते दिन से बंद है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं। सड़कें बंद होने से कार्यदायी संस्थाओं की मुश्किलें भी बढ़ गई है। सोमवार शाम प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे समेत कुल 250 सड़कें अवरुद्ध थीं। लोनिवि ने एहतियातन प्रदेश में निर्माणाधीन करीब 80 पुलों का काम रोक दिया है। -रुद्रप्रयाग-केदारनाथ मार्ग बीते दिन से अवरुद्ध है। एक गर्भवती महिला को ले जा रही एंबुलेंस जाम में फंस गई और एंबुलेंस को वापस लौटना पड़ा।

बारिश के कारण बंद हो गए थे 5 राष्ट्रीय राजमार्ग

हर साल लोगों को बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ता है। कई लोग अपनी जान गंवाते हैं। कई घर-खेत औऱ दुकानें तबाह हो जाती है। रविवार रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ। वहीं बारिश के कारण 5 राष्ट्रीय राजमार्गों बंद हो गए थे। सोमवार शाम तक लोनिवि ने इनमें से चार मार्गों को खोल दिया। अब भी 3 राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने के कारण बाधित हैं। इसी तरह प्रदेश में सोमवार तक कुल 315 सड़कें बंद थीं, इनमें से 65 सड़कों पर रविवार शाम तक यातायात सुचारू करा दिया गया था।

सरकार द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-94 खदारी में मलबा आने से अवरुद्ध है। रास्ते खोलने की कवायद जारी है। इसी के साथ उत्तरकाशी-लंबगांव-श्रीनगर मोटर मार्ग साड़ा के पास पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित है। लोनिवि इस मार्ग को खोलने की कार्रवाई कर रहा है। जनपद में कुल 20 सड़कें बंद हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पहले मुख्य सड़कों और फिर ब्रांच रोड को खोलने का काम किया जा रहा है। इस काम में प्रदेशभर में 374 जेसीबी तैनात की गई हैं। 141 जेसीबी की तैनाती नेशनल हाईवे पर की गई है। इसी तरह से 32 जेसीबी स्टेट हाईवे, 11 मुख्य जिला मार्गों, 12 अन्य जिला मार्गों, 71 बॉर्डर रोड और 107 पीएमजीएसवाई की सड़कों को खोलने पर लगाया गया है।

चमोली में कुल 39 सड़कें बंद हैं। इनमें ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-58 सीरोबगड़ व नरकोटा में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। देहरादून में दो स्टेट हाईवे सहित कुल 20 सड़कें बंद हैं। रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 रामपुर-सीतापुर के मध्य मलबा आने से अवरुद्ध है। पौड़ी में एक स्टेट हाईवे सहित कुल 19 सड़कें अवरुद्ध हैं। टिहरी में सात ग्रामीण सड़कें बंद हैं। जबकि एनएच-707 मसूरी-चंबा-टिहरी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर में पांच, नैनीताल में छह, चंपावत में चार और पिथौरागढ़ में कुल 15 सड़कें मलबा आने के कारण बाधित हैं। कई जगहों पर पुल का निर्माण कार्य रोक दिया गया है।

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