उत्तराखंड। बच्ची को लगा दिया गत्ते का प्लास्टर, सोशल मीडिया नेताओं पर टूट पड़ा

plaster of hard board in girls hand

 

उत्तराखंड में स्वास्थ सेवाओं का हाल किसी से छुपा नहीं है। खासतौर पर राज्य के पर्वतीय इलाकों में तो संपूर्ण स्वास्थ व्यवस्था भगवान भरोसे ही चल रही है। हाल ये है कि अब किसी बड़ी बीमारी का इलाज तो छोड़िए फ्रैक्चर के इलाज के लिए भी पहाड़ से उतरकर देहरादून या हरिद्वार आने की नौबत आने लगी है।

हाल ही में पौड़ी से एक तस्वीर सामने आई है। ये तस्वीर जितना असहज करती है उतना ही राज्य में सरकारी चिकित्सा सुविधा की पोल भी खोलती है।

दरअसल ये तस्वीर एक बच्ची की है। बच्ची के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। वो बच्ची रिखणीखाल में सरकारी डाक्टर के पास अपना इलाज कराने के लिए पहुंची। डाक्टर ने अपना सरकारी फर्ज अदा किया और बच्ची के हाथों में गत्ते का प्लास्टर लगा दिया और छुट्टी दे दी।

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सोशल मीडिया पर बच्ची की गत्ते के प्लास्टर के साथ की तस्वीर वायरल हो गई। हालात ये हुए कि सोशल मीडिया ने उत्तराखंड के स्वास्थ मंत्री से लेकर तमाम नेताओं तक से सवाल पूछने शुरु कर दिए।

सोशल मीडिया पर तमाम यूजर ऐसे हैं जो नेताओं को याद दिला रहें हैं कि उन्हें इसी जनता ने कुर्सी दी है। कम से उनकी ऐसी परेशानियों को दूर कर दिया जााए।

एक यूजर लिखते हैं कि, ‘पौड़ी के रिखणीखाल सरकारी अस्पताल में डॉक्टर ने एक बच्ची के हाथ में फैक्चर होने पर प्लास्टिक की जगह गत्ते का प्लास्टर उसके हाथ में चढा़ दिया महाराज जी इन छोटी छोटी चीजों को तो पहले करवा दो जिन लोगों ने आपको यह सत्ता की कुर्सी दिया है’

एक अन्य यूजर बताते हैं कि, बच्ची जिस अस्पताल में गई वहां एक्सरे मशीन तो है लेकिन ऑपरेटर न होने से मशीन दो साल से चली ही नहीं।

वहीं विपक्ष ने भी सोशल मीडिया पर स्वास्थ मंत्री के जिले में स्वास्थ सेवाओं की ऐसी बदहाली पर निशाना साधा है।

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