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Paris Paralympics 2024 में भारत ने रचा इतिहास, टोक्यो के महारिकॉर्ड को छोड़ा पीछे, अब तक इतने मेडल किए अपने नाम

पेरिस पैरालंपिक 2024 (Paris Paralympics 2024) में भारत के एथलीटों ने कमाल कर दिया। महज छह दिनों में ही भारत ने 20 मेडल अपने नाम कर लिए। बता दें कि ये भारत का किसी भी पैरालंपिक गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल जीतने (India Paralympics Medals 2024) का आंकड़ा है।

इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत के नाम सबसे ज्यादा 19 मेडल जीतने का रिकॉर्ड था। लेकिन अब पेरिस में भारत ने पैराएथलीटों के सर्वश्रेष्ट प्रदर्शन की बदौलत अपने रिकॉर्ड को ही पीछे छोड़ दिया।

Paris Paralympics 2024 अब तक इतने मेडल किए अपने नाम

पेरिस पैरालंपिक में भारत के पास टोटल 20 मेडल हो चुके है। जिसमें तीन स्वर्ण, सात रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत ने ये मेडल चार खेलों में जीते है। जिसमें एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 10 मेडल आए हैं। तो वहीं पांच मेडल बैडमिंटन में, चार मेडल शूटिंग में और एक तीरंदाजी में मिला है। बीते दिन यानी गेम्स के छठे दिन भारत को पांच मेडल मिले।

इन खेलों में एथलीट्स ने जीता पदक (India Paralympics Medals 2024)

निशानेबाजी

  1. अवनि लेखरा:- स्वर्ण पदक
  2. मोना अग्रवाल:- कांस्य पदक
  3. मनीष नरवाल:- रजत पदक
  4. रुबीना फ्रांसिस:- कांस्य पदक

एथलेटिक्स

  1. प्रीति पाल: कांस्य पदक
  2. प्रीति पाल: कांस्य पदक
  3. निषाद कुमार: रजत पदक
  4. योगेश कथुनिया: रजत पदक
  5. सुमित अंतिल: स्वर्ण पदक
  6. दीप्ति जीवनजी: कांस्य पदक
  7. अजीत सिंह: रजत पदक
  8. सुंदर सिंह गुर्जर: कांस्य पदक
  9. शरद कुमार: रजत पदक
  10. मरियप्पन थंगावेलु: कांस्य पदक

बैडमिंटन

  1. नित्या श्री सिवान: कांस्य पदक
  2. नितेश कुमार: स्वर्ण पदक
  3. मनीषा रामदास: कांस्य पदक
  4. तुलसीमति मुरुगेसन: रजत पदक
  5. सुहास एलवाई: रजत पदक

तीरंदाजी

राकेश कुमार/शीतल देवी: कांस्य पदक

पैरालंपिक गेम्स में भारत

पैरालंपिक गेम्स में भारत साल 1968 से भाग ले रहा है। अपने पहले ही गेम्स में भारत एक भी मेडल नहीं जीत पाया। जिसके बाद साल 1972 में हुए पैरालंपिक गेम्स में भारत को पहला मेडल गोल्ड के रुप में मिला। अगले दो पैरालंपिक गेम्स में भारत ने भाग नहीं लिया। साल 1984 में भारत के नाम चार मेडल आए।

इसके बाद अगले चार पैरालंपिक में भारत का खाता भी नही खुला। साल 2004 में भारत के नाम दो मेडल आए। बीजिंग पैरालंपिक 2008 में भी खाता नहीं खुला। लंदन पैरालंपिक 2012 में एक मेडल भी देश को मिला। रियो पैरालंपिक में भारत के नाम चार मेडल आए। जिसके बाद टोक्यो पैरालंपिक में 19 मेडल जीतकर भारत ने एक ऊंची छलांग लगाई। ऐसे में अब भारत ने पेरिस ओलंपिक में टोक्यो में अपने बेहतरीन प्रदर्शन को पछाड़ते हुए नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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