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31 साल बाद घर लौटने वाले राजू की इमोशनल कहानी निकली फर्जी!, देहरादून से है कनेक्शन, जानें पूरा मामला

हाल ही में सोशल मीडिया पर भीम सिंह उर्फ राजू की कहानी काफी वायरल हुई है। कैसे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का रहने वाला राजू सात साल की उम्र में किडनैप हो गया है। जिसके बाद करीब 31 साल बाद वो अपनी फैमली से मिला। इस शख्स ने थाने में 31 साल पहले किडनैप होने की कहानी पुलिस को बताई। जिसके बाद पुलिस ने उसे उसके परिवार से मिलवाया। हालांकि इस इमोशन से भरी कहानी में ट्विस्ट है। राजू की ये कहानी फर्जी निकली। इस कहानी में देहारादून ट्विस्ट है। चलिए जानते है पूरा मामला।

31 साल बाद घर लौटा राजू

दरअसल उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad News) से हाल ही में एक खबर आई थी। जहां करीब 31 साल पहले किडनैप हुआ लड़का अपने घर लौट आया। जिसके बाद परिवार की खुशी का ठीकाना नहीं था। बता दें कि साल 1993 में एक परिवार का सात साल का लड़का अपनी बहन के साथ स्कूल से लौट रहा था। तभी उसे अगवा कर लिया गया। जिसके बाद वो गायब हो गया था। अब 31 साल बाद एक शख्स ने पुलिस से संपर्क किया।

उसने बताया कि वो भीम सिंह उर्फ राजू है और वो नोएडा के आस पास का रहने वाला है। परिवार में माता-पिता और चार बहनें हैं। वो परिवार का इकलौता बेटा था। इसके साथ ही उसने वो साल भी बताया जब उसे अगवा किया गया था। इसके अलावा उसने दावा किया कि अगवा करने के बाद उससे राजिस्थान में बधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। जैसे तैसे वो वहां से भाग निकला। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को पुरानी फाइलों में 1993 की एक एफआईआर मिली। तीन दिन बाद ही पुलिस ने भीम के परिवार को खोजकर उसे उसके परिवार से मिलवाया। सोशल मीडिया पर हर कोई ये कहानी सुनकर काफी इमोशनल हो गया था।

फर्जी है 31 साल बाद घर लौटने वाले राजू की कहानी

हालांकि अब राजू की ये इमोशनल कहानी फर्जी बताई जा रही है। दरअसल सोशल मीडिया पर राजू की तस्वीरें और कहानी वायरल होने के बाद उत्तराखंड के देहरादून के एक बुजुर्ग परिवार ने उसे अपना बेटा बताया है। उन्होंने दावा किया है कि ये उनका बेटा मोनू शर्मा है। इस दावे के बाद फिलहाल गाजियाबाद की पुलिस जांच में लग गई है। साथ ही राजू को भी हिरासत में ले लिया है। यहां क्लिक कर पढ़े राजू वाली पूरी कहानी

कई बातों को लेकर राजू पर हुआ शक

बता दें कि गाजियाबाद के परिवार ने राजू के बर्थ मार्क देखकर उसकी पहचान की थी। लेकिन अब राजू की कुछ बातों से इस चीज पर संदेह हो रहा है। जैसे राजू सीधे हाथ से लिखता था। लेकिन वापस लौटने के बाद वो उल्टे हाथ से काम करने लगा। लिख भी वो उल्टे हाथ से रहा था। रात भर टीवी देखता रहता था। साथ ही वो छोटी बातों पर गुस्सा हो जाता था और घर छोड़कर जाने की धमकी देता है।

ऐसे में अब इन सब के बाद परिवार वालों ने राजू का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है। पुलिस की माने तो इस मामले में राजू से पूछताछ जारी है। एक टीम को देहरादून भी भेजा गया है। फिलहाल ये व्यक्ति राजू है या मोनू, इसको लेकर जांच जारी है।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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