
दिल्ली के झंडेवालान इलाके में आज MCD का बुलडोजर चला और बाबा पीर रतन नाथ के मंदिर-दरगाह को प्रशासन ने ढहा दिया। यह मंदिर-दरगाह ऐसी जगह थी जहां बाबा रतन नाथ को हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मानते थे। कार्रवाई के दौरान कई लोग विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया।
मंदिर-दरगाह को क्यों तोड़ा?
जानकारी के अनुसार, यह मंदिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय के पास स्थित था। MCD का कहना है कि यह निर्माण सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के रूप में दर्ज था, जिसके बाद इसे हटाने के आदेश दिए गए। प्रशासनिक टीम, पुलिस बल और MCD की संयुक्त कार्रवाई में बुलडोजर से संरचना को गिरा दिया गया।
दोनों धर्मों की आस्था का केंद्र था मंदिर
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाबा पीर रतन नाथ 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पेशावर से दिल्ली आए थे, और तभी से यह मंदिर-दरगाह यहां स्थापित है। यह स्थान सालों से दोनों धर्मों की आस्था का केंद्र माना जाता रहा है। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के बाद से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
मंदिर के अंदर था शिवलिंग
भक्तों का कहना है कि बाबा रतन नाथ नाथ संप्रदाय से जुड़े थे। हालांकि नाम मंदिर-दरगाह रखा गया था, लेकिन इसे मूल रूप से एक हिन्दू मंदिर बताया गया, जहां शिवलिंग स्थापित था और पूजा-अर्चना होती थी। मंदिर में शिव के साथ-साथ राम नाम का जाप किया जाता था। प्रदर्शनकारियों में हजारों की संख्या में हिंदू समुदाय की लोग शामिल है। फिलहाल इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
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