kalki: कल्कि अवतार कहां होगा? यूपी के संभल या कैलाश पर्वत के शंभाला में? विष्णु के 10 अवतार कर रहे इंतजार
भगवान विष्णु का (kalki) कल्कि अवतार आज भी लोगों के लिए एक रहस्य ही है। हर शख्स जानना चाहता है कि भगवान कल्कि आखिर कब इस धरती पे अवतार लेंगे? उनका स्वरूप कैसा होगा? उनकी मां कौन होगी? वो कहां जन्म लेंगे? श्रीमद् भगवद् पुराण के बारहवें स्कंध में लिखा गया है कि भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कलियुग के अंत और सत-युग के संधि काल में होगा। इसलिए जब कलियुग का अंत पास आ जाएगा तब ही भगवान कल्कि जन्म लेंगे।
कल्कि अवतार कहां होगा? इस श्लोक में छिपी है कहानी
हमारे धर्म ग्रंथो में कल्कि अवतार से सम्बंधित एक श्लोक भी है जो बताता है की भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कब और कहां होगा और उनके पिता कौन होंगे?
सम्भल ग्राम मुख्यस्य ब्राह्मणास्यमहात्मन। भगवनविष्णुयशसः कल्कि प्रादुर्भाविष्यति।।
इस श्लोक का मतलब है सम्भल ग्राम में विष्णुयश नाम के श्रेष्ठ ब्राह्मण के पुत्र के रूप में भगवान कल्कि का जन्म लेंगे। ये देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर अपनी तलवार से दुष्टों का संहार करेंगे और तभी से सत्ययुग की शुरूआत होगी। इस अवतार में उनकी माता का नाम सुमति होगा।
इनके अलवा उनसे तीन बड़े भाई भी होंगे जो सुमंत, प्राज्ञ और कवि। भगवान कल्कि की दो पत्नियां होंगी लक्ष्मी रूपी पदमा और वैष्णवी रूपी रमा और उनके पुत्र होंगे जय, विजय, मेघमाल और बलाहक। लेकिन क्या आप जानते हैं की ये सम्भल गांव है कहां जहां भगवान विष्णु पैदा होने वाले है। कुछ लोगों की मानें तो ये सम्भल गांव उत्तरप्रदेश के मुरादाबद के पास है। जिस कारण अभी से यहां पर कल्कि धाम की स्थापना भी कर दी गई है।
कैलाश पर्वत के शंभाला में जन्म लेंगे kalki !
एक और मान्यता के मुताबिक कल्कि कैलाश पर्वत में स्थित शंभाला में जन्म लेंगे। विष्णु पुराण में ये भी कहा गया है कि कैलाश पर्वत पूरी दुनिया का आधार स्तंभ है और हिमालय रेंज के बिच में स्थित है। माना जाता है की यहां 7 चिरंजीवी आज भी साधना में लीन हैं। बताया जाता है कि यहां किसी जमाने में एक लाख लोगों का पूरा किंगडम हुआ करता था जिसका नाम था गुगे किंगडम।
कहा जाता है जब तिब्बत में इस किंगडम को बसाने के लिए एक राजा यहां आए तो उन्होंने देखा की बर्फ के कारण यहां की जमीन बंजर है, लेकिन इसके बाद भी राजा ने यहां अपना सामराज्य स्थापित किया और देखते ही देखते गुगे किगडम उस इलाके के सबसे प्रास्परस किंगडम में बदल गया। ये देख कर हर कोई हैरान था की सन्यासियों के इस किंगडम के पास इतनी एडवांस टेकनोलजी आई कैसे? जब गुगे किंगडम से इस बात का राज पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनकी मदद शंभाला शहर के लोग करते हैं। ये वही संभाला है जिसके बारे में कहा जाता है की यहां विष्णु के अवतार कल्कि जन्म लेंगे।
एक जादुई शहर है शंभाला
शंभाला शहर को एक जादुई शहर के रुप में जाना जाता है। इसका जिक्र हिन्दू और बौद्ध धर्म ग्रंथों में देखने को मिलता है। संभाला के लिए कहा जाता है की ये एक ऐसी जगह है जो इस धरती पर होके भी नहीं है। विष्णु पुराण के मुताबिक कहा जाता है कि कलियुग का अंत करने वाले भगवान विष्णु के अवतार कल्कि का जन्म इसी शंभाला नगर में होगा। शंभाला को सिद्धाश्रम और ज्ञानगंज के नाम से भी जाना जाता है। शंभाला वो रहस्मय शहर है जो आज भी छिपा हुआ है। अब ये कहां है या उस समय ये कहां था ये राज ना कोई उस समय जानता था ना आज जानता है।
विष्णु के 10 अवतार कर रहे इंतजार
कहानियों के मुताबिक यहां देवतुल्य लोग ही रह सकते हैं और यहां पहुंचने के लिए साधना के उच्च स्तर तक पहुंचना पड़ता है। हिंदु धर्म के अनुसार 7 चिरंजीवी अश्वत्थामा, बलि, व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम हिमालय में आज भी विष्णु के 10वें अवतार कल्कि की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकी ये कलियुग का अंत करने में कल्कि की मदद कर सकें।