हाईकोर्ट ने कहा : सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले यात्रा पर लगी रोक को नहीं हटा सकते हैं

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आज कई संगठनों ने यमनोत्री में कूच किया और चारधाम यात्रा खोलने को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन राणा ने बताया कि प्रदेश भर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटक बड़ी संख्या में जुट रहे हैं। लेकिन चारधाम यात्रा बंद किया गया है। इससे क्षेत्र के कारोबारियों के समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।

होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन राणा ने कहा कि बुधवार को होटल एसोसिएशन, टैक्सी-मैक्सी महासंघ सहित यात्रा से जुड़े अन्य लोग कूच में शामिल हुए।वहीं बता दें कि सरकार ने मांग को देखते हुए हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा खोलने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले हाईकोर्ट यात्रा पर लगी रोक को नहीं हटा सकती है।

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बता दें कि हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा वाले जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, कोविड संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त तैयारियां नहीं करने, डॉक्टरों की कमी तथा जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर चारधाम यात्रा पर 28 जून को अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी।इस आदेश के खिलाफ 6 जुलाई को प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। मंगलवार को महाधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष पेश होकर मौखिक तौर पर चार धार यात्रा पर लगी रोक को हटाने का अनुरोध किया। कहा कि चार धाम यात्रा से हजारों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। कोर्ट ने साफ किया कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो हाईकोर्ट रोक हटाने पर विचार कैसे कर सकती है।
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