हरदा बोेले : इसका एक ही प्रायश्चित्त, CM त्रिवेंद्र रावत घाट आकर लोगों से मांगे माफी

 

चमोली : चमोली जिले के मुख्यालय के पास विकास खंड घाट के लोग पिछले तीन महीनों से नंदप्रयाग-घाट मात्र 19 कीलोमीटर मोटर मार्ग को डेढ लाइन बनाये जाने की मांग कर रहे हैं और आंदोलन कर रहे हैं। वहीं बीते दिनों भराडीसैंण विधानसभा में ग्रीष्मकालीन बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा उनकी मांग न माने जाने पर घाट क्षेत्र के लोग सरकार का घेराव करने जा रहे थे कि इसकी भनक लगते ही और तमाम राजनीतिक दलों की महंगाई, बेरोजगारी आदि पर विधानसभा घेराव की चेतावनी पर सरकार ने हालांकि जगह जगह जबरदस्त बेरिकेटिंग की थी। इसके बाबजूद भी आंदोलनकारी दिवालीखाल विधानसभा के प्रवेश द्वार तक धमक पड़े और पुलिस के साथ यहां पर हुई आंदोलनकारियों की तीखी नौकझोंक पर भारी बल प्रयोग करते हुए पुलिस ने पानी की बौछारों के साथ ही लाठीचार्ज भी कर दिया था।

 शीघ्र ही घाट के लोगों के बीच आकर उनसे माफी मांगे सीएम-हरदा

इस घटना के बाद समूचे राज्य भर में विपक्ष को सत्ता धारी दल ने अपने खिलाफ मोर्चा खोलने का अवसर दे दिया। राज्य भर में सरकार का पुतला दहन के साथ ही विपक्ष सत्ताधारी दल पर अक्रामक है।इसी के मध्यनजर आज सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी लाव लस्कर के साथ घाट में आंदोलनस्थल पर अपना समर्थन देने पहुंचे थे।  हरीश रावत ने भराडीसैंण में आंदलनकारियों पर हुए लाठीचार्ज की बर्बरता राज्य सरकार का बडा पाप कहा और राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को नसीहत दे डाली कि उन्हें शीघ्र ही घाट के लोगों के बीच आकर उनसे माफी मांगकर लोगों की जायज मांग को पूरा करने की बात कही।

आंदोलनकारियों का कहना है कि हटेंगे जब सडक का डेढ़ लाइन बनाये जाने की मांग पूरी की जायेगी।आज आंदोलनस्थल पर भूखहड़ताल करने वालोँ का 54 वां दिन था। आज चार लोग सुशील कुमार, मोहनसिंह, राजेन्द्र कठैत और कृष्णा मैंदोली भूखहड़ताल पर बैठे रहे।

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