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बेंगलुरु घटना से लोगों में भारी आक्रोश, हल्द्वानी में उठी पुरुष आयोग बनाने की मांग

बेंगलुरु से सामने आई अतुल सुभाष की आत्महत्या वाली घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। 24 पन्नों का सुसाइड नोट 1.5 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग और Justice Is Due लिख कर एक आत्महत्या करने वाले कम्प्यूटर इंजीनियर अतुल सुभाष की मौत(Atul Subhash) ने इस देश के एक बड़े समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब हल्द्वानी में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए पुरुष आयोग के गठन की मांग की है।

हल्द्वानी में उठी पुरुष आयोग बनाने की मांग

बेंगलुरु में इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या से पूरे देश मे आक्रोश है। आज हल्द्वानी में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था ने
प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए पुरुष आयोग और पुरुष कल्याण मंत्रालय बनाए जाने की मांग की है। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन देते हुए एक सामाजिक लोगों ने कहा कि अब वह दौर आ गया है जब महिलाएं महिला कानून का गलत फायदा उठाकर पुरुषों का उत्पीड़न कर रही है।

निर्दोष पुरुषों के लिए भी सोचे केंद्र सरकार

लोगों का कहना है कि अतुल सुभाष जैसे होनहार इंजीनियर को देश ने खोया है, जिसका सभी को बहुत बड़ा गम है। ऐसे में निर्दोष पुरुषों के लिए भी केंद्र सरकार को सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालिया बेंगलुरु में इंजीनियर द्वारा की गई आत्महत्या के बाद अब बेहद आवश्यक हो गया है की पुरुष आयोग या पुरुष कल्याण मंत्रालय बनाया जाना चाहिए।

पत्नी और ससुराल वालों से परेशान होकर दी थी अतुल सुभाष ने जान

बता दें कि बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले अतुल सुभाष के परिवार में उनके पिता पवन मोदी, मां अंजु मोदी और छोटा भाई विकास मोदी है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इंजीनियर अतुल सुभाष बंगलोर की एक कंपनी में बड़े ओहदे पर काम करते थे। अतुल और उनकी पत्नी के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। उन्होंने पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए और न्याय की मांग करते हुए अपनी जान दे दी।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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