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बड़ी खबर : मिल गई मंजूरी, बाजार में मिलेगी वैक्सीन, इतनी होगी कीमत!

# Uttarakhand Assembly Elections 2022

कोरोना की तीसरी लहर के असर को कम करने में कोरोना वैक्सीन की अहम भूमिका रही है। वैक्सीन बनाने वाली दो कंपनियों सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने अब भारत के दवा नियामक- ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अपने टीकों के लिए रेगुलर मार्केट अप्रूवल मांगा है।

ये कंपनियां अब अपनी वैक्सीन को सीधे बाजार में उतारकर आम लोगों के हाथ में पहुंचाना चाहती हैं। हालांकि, इन वैक्सीन की खुले बाजार में क्या कीमत होगी, इसे लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। इस बीच सरकारी सूत्रों ने वैक्सीन के दामों को लेकर खुलासा कर दिया है।

यह होगी टीकों की कीमत
आधिकारिक सत्रों के मुताबिक, कोविशील्ड और कोवाक्सिन को बाजार में उतारने की मंजूरी के बाद इनकी कीमत 275 रुपये प्रति डोज पर तय की जा सकती है। हालांकि, टीके की डोज पर 150 रुपये का अतिरिक्त सर्विस चार्ज भी लगाया जाएगा। यानी एक वैक्सीन डोज की कीमत खुले बाजार में 425 रुपये के करीब रहने की संभावना है।

राष्ट्रीय दवा नियामक प्राधिकरण (NPPA) को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे वैक्सीन को आम लोगों के लिए एफोर्डेबल बनाने के लिए इनकी कीमत तय करें। मौजूदा समय में निजी अस्पतालों में कोवाक्सिन की एक डोज की कीमत 1200 रुपये और कोविशील्ड की प्रति डोज 780 रुपये रखी गई है। इसमें 150 रुपये का सर्विस चार्ज भी शामिल है। दोनों ही टीकों को फिलहाल देश में आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। इन्हें बाजार से खरीद कर नहीं लगवाया जा सकता और सिर्फ अस्पतालों और निर्धारित टीकाकरण केंद्रों पर ही वैक्सीन लग रही हैं।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की कोरोना मामलों पर बनी विशेषज्ञ समिति ने 19 जनवरी को कुछ शर्तों के साथ वयस्क आबादी के लिए कोविशील्ड और कोवाक्सिन को नियमित रूप से बाजार में उतारने की मंजूरी देने की सिफारिश की थी।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के निदेशक (सरकार और नियामक मामले) प्रकाश कुमार सिंह ने 25 अक्तूबर को भारत के औषधि महानियंत्रक को एक आवेदन जमा किया था। इसमें कोविशील्ड टीके को बाजार में उतारने की मंजूरी मांगी गई थी।

कुछ सप्ताह पहले भारत बायोटेक के पूर्णकालिक निदेशक वी कृष्ण मोहन ने भी कोवाक्सिन के लिए नियमित मंजूरी की मांग करते हुए क्लीनिक डेटा के साथ-साथ निर्माण और नियंत्रण संबंधी पूरी जानकारी पेश की थी। कोवाक्सिन और कोविशील्ड को पिछले साल तीन जनवरी को आपातकालीन उपयोग मंजूरी (EUA) दी गई थी।

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