उत्तराखंड: पुलिस का गजब कारनामा, कांस्टेबल का मुकदमा नहीं किया दर्ज, DGP से लगानी पड़ी गुहार

रुद्रपुर: पुलिस के पास लोग मदद के लिए जाते हैं। लेकिन, जब वही पुलिस परेशान हो और उसका मुकदमा उनके विभाग के लोग दर्ज ना करें तो इससे बुरा और क्या हो सकता है। ऐसा ही मामला रुद्रपुर में सामने आया है। उत्तराखंड पुलिस में तैनात कांस्टेबल से भूरारानी क्षेत्र में मकान बेचने के नाम पर बयाने के पांच लाख ठग लिए गए। जिस कमान के लिए बयान दिया था, उसे बेचने से भी इंकार कर दिया। पैसे वापस मांगने पर धकाया भी गया। पुलिस ने मकान स्वामी समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

सुभाष कालोनी निवासी जसमेर सिंह ने तहरीर दी कि उसके चाचा सुखपाल सिंह उत्तराखंड पुलिस में कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। उन्होंने उससे मकान देखने के लिए कहा था। उसने दीप स्टेट कालोनी भूरारानी में आधा बना हुआ मकान मकान चाचा सुखपाल के साथ जाकर देखा और मलिक कॉलोनी निवासी दीपक चराया से 20 लाख में सौदा तय कर लिया। पांच लाख रुपये उसे बयाना भी दिया। जसमेर का कहना था कि मकान को पूरा करने के लिए लोन की जरूरत थी।

लोने के लिए सभी दस्तावेज भी दिए, जिन पर एचडीएफसी बैंक से 23 लाख 37000 हजार रुपये का लोन स्वीकृत हो गया। इसके बाद दीपक चराया ने मकान की रकम 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी। साथ ही कहा कि कहा कि अगर 25 लाख रुपये न मिले तो बयाना जब्त कर लेगा। समझाने पर उसने उसके चाचा को धमकी दे दी।

जब भवन स्वामी सुरेन्द्र प्रसाद से बात की तो उन्होंने भी धमकी दे दी। मामले की शिकायत पुलिस से की लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले की शिकायत फिर डीजीपीसे की गई अब पुलिस ने डीजीपी के आदेश पर धोखाधड़ी कर बयाना हड़पने के दोनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। कोतवाल विक्रम राठौर ने बताया कि जांच की जा रही है।

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