रिश्तेदार ने ट्रेन के इंजन से कर दिया फेसबुक लाइव, लोको पायलट सस्पेंड

loco engine

आमतौर पर ट्रेन के इंजन में नागरिकों को बैठने की अनुमति नहीं होती है लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक सामान्य नागरिक न सिर्फ लोको केबिन में बैठा बल्कि उसने वहां से फेसबुक लाइव भी किया।

मामला अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस का है। सोमवार को लापरवाही का ये घटनाक्रम सामने आया। दरअसल बांदीकुई रेलवे स्टेशन से सुखराम नाम के एक व्यक्ति को दिल्ली आना था। उसका टिकट कंफर्म नहीं था। चूंकि आश्रम एक्सप्रेस को जो लोको पॉयलट लेकर जा रहे थे उनमें से एक सुखराम का परिचित था। सुखराम ने टिकट कंफर्म न होने के बारे में बताया तो संतोष नाम के चीफ लोको पायलट ने उसे लोको केबिन के पिछले हिस्से में बैठा लिया।

गाड़ी आगे निकली तो सुखराम ने केबिन के पिछले हिस्से से फेसबुक लाइव शुरु कर दिया। इस दौरान वो ऐसा दावा करता रहा मानों ट्रेन वही चला रहा हो। वो कुछ उपकरणों को भी इस दौरान छेड़ता रहा ताकि सबकुछ रीयल लगे। जिस वक्त वो लाइव कर रहा उस दौरान लगभग एक हजार के करीब यात्री गाड़ी में सवार थे। फेसबुक लाइव करते हुए सुखराम दिल्ली पहुंच गया।

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इसी दौरान रेलवे के अधिकारियों तक भी सुखराम का ये फेसबुक लाइव पहुंच गया। बस फिर क्या था। रेलवे के अधिकारियों ने तुरंत पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए। साथ ही चीफ लोको इंस्पेक्टर संतोष, लोको पायलट प्रदीप मीणा और असिस्टेंट लोको पायलट मनीष को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

ये मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि लोको पायलट के आगे के हिस्से में जहां सामान्य परिचालन से जुड़े उपकरण होते हैं वहीं पिछले हिस्से में आपातकालीन परिस्थतियों में प्रयोग होने वाले उपकरण और अन्य परिचालन व्यवस्थाएं होती हैं। अगर सुखराम की छेड़छाड़ के दौरान कोई उपकरण गलत तरीके से प्रयोग हो जाता तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।

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