तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनते-बनते टॉप-5 से बाहर हुआ भारत, IMF की रैंकिंग में फिसला

India Slips to 6th Largest Economy 2025 IMF Ranking: दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत की अर्थव्यवस्था भी शामिल है। हालांकि इसके बाद भी सबसे बड़ी इकोनॉमी के मामले में भारत टॉप-5 से बाहर हो गया है। तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने-बनते भारत चौथे से छठे पायदान पर आ गया है। भारत की इकोनॉमी की रैंकिंग( IMF Ranking) में एक स्थान पीछे हो गया है।
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की रैंकिंग में भारत छठे नंबर पर आ गया है। बताते चलें कि भारत इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर था। तो वहीं बीते साल की शुरूआत में भारत चौथे पायदान पर भी था।
तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनते-बनते टॉप-5 से बाहर हुआ भारत India Slips to 6th Largest Economy 2025
IMF के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था करीब 3.92 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। इस लिस्ट में भारत से आगे यूनाइटेड किंगडम निकल गया है। UK की करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था आंकी गई है। तो वहीं जापान तीसरे नंबर पर 4.44 ट्रिलियन डॉलर के साथ बना हुआ है।
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IMF की रैंकिंग में छठे स्थान पर भारत
आफको बता दें कि ग्लोबल रैंकिंग डॉलर में तय होती है। यहीं वजह है कि भारत इस लिस्ट में टॉप-5 से बाहर हो गया है। IMF की माने तो जहां रुपया 2024 में करीब 84.6 प्रति डॉलर था। तो वहीं साल 2025 में ये कमजोर होकर 88.5 प्रति डॉलर हो गया।
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डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी है वजह
जिसका मतलब है कि भले ही भारत की जीडीपी रुपए में तेजी से बढ़ी हो, लेकिन डॉलर में उसका कम ही असर हुआ है। जिसकी वजह से मजबूत ग्रोथ के बाद भी भारत की रैंकिंग कम हुई है।
IMF डेटा के मुताबिक, साल 2024 में भारत की जीडीपी रुपये में करीब 318 ट्रिलियन आंकी गई। जो साल 2025 में बढ़कर 346.5 ट्रिलियन रुपये हो गई। हालांकि डॉलर में कन्वर्जन करने के दौरान इस ग्रोथ का असर घट गया। अगर अभी भी आप नहीं समझे, तो चलिए आसान भाषा में समझते है।
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ग्रोथ तेज है तो रैंकिंग क्यों गिरी?, आसान भाषा में समझिए
मान लीजिए आपने बीते साल 84 रुपए कमाए जो कि एक डॉलर के बराबर थे। तो वहीं इस साल आपने पिछले साल से ज्यादा 90 रुपए कमाए, यानी आपकी कमाई बढ़ी लेकिन अब 1 डॉलर की कीमत 90 हो गई है। जिसके चलते आपकी बढ़ी हुई कमाई पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। जिसका रिजल्ट ये रहा कि आपके पास रुपए तो ज्यादा आए लेकिन ग्लोबल मार्केट में डॉलर से कम्पेयर करने पर आपकी वैल्यू उतनी ही रही/ घट गई। भारत के साथ भी ऐसा ही हुआ।
आगे फिर तेज होगी रफ्तार
IMF ने अनुमान लगाया है कि भारत साल 2026 में भी छठे स्थान पर रह सकता है। लेकिन तेजी से देश भी वापसी हो सकती है। साल 2027 में ब्रिटेन को पीछ छोड़कर भारत चौथे नंबर पर आ सकता है। तो वहीं साल 2028 तक वो जापान को भी पछाड़ सकता है। जिससे भारत 2031 तक मजबूती के साथ तीसरे स्थान पर बनी रह सकती है। देश की जीडीपी इस दौरान 6.79 ट्रिलियन डॉलर जा सकती है।
साल 2031 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
रैंकिंग में भले ही भारत ने गिरावट दर्ज की हो। लेकिन भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। आने वाले सालों में देश में 6 प्रतिशत से ज्यादा की स्थिर ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है, जो बाकी देशों से ज्यादा है।