बिना पुलिस वेरिफिकेशन किरायेदारी पर होगी सख्त कार्रवाई, DGP का अल्टीमेटम

कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने प्रदेश में संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए सघन सत्यापन शुरू किया है। बता दें यह विशेष अभियान प्रदेश के सभी जिलों में सर्किल, थाना और चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा।
पुलिस वेरिफिकेशन कराए दी पनाह दो होगा एक्शन: DGP
डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराया देने वालों या संदिग्ध लोगों को पनाह देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सत्यापन अभियान के अंतर्गत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंटस, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल और गेस्ट हाउस में रहने वाले लोगों का verification किया जाएगा। प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा तथा उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी।
Blinkit समेत सभी ऑनलाइन सर्विस से जुड़े कर्मियों को दी जाएगी प्राथमिकता
डीजीपी ने कहा कि होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों और इंडस्ट्रियल एरिया में ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। Amazon, Zomato, Blinkit सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से संबद्ध कार्मिकों की पहचान और सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। National Intelligence Grid (NATGRID), CCTNS, ICJS सहित अन्य केंद्रीय/राज्य सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचना मिलान एवं सटीक विश्लेषण किया जाएगा।
अवैध रूप से रहने वाले प्रवासियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी और वीज़ा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश के सभी रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर और सैलून जैसे प्रतिष्ठानों में High Resolution सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति और रिकॉर्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। साथ ही तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें उन्हें ज़रूरी सुरक्षा ब्रीफिंग दी जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
डीजीपी ने क्षेत्रों में रहने वाले अकेले लोगों और सीनियर सिटिज़न्स की पहचान और उनके सिक्योरिटी इंतज़ाम की जांच की जाएगी। घरेलू हेल्पर्स, केयरटेकर्स, ड्राइवरों और दूसरे सपोर्ट स्टाफ़ का वेरिफ़िकेशन भी ज़रूरी होगा। डीजीपी ने कहाअभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी और एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: उत्तराखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर CM सख्त, पुलिस अधिकारियों की ली उच्चस्तरीय बैठक
CO से लेकर IG रेंज स्तर तक लागू होगी समीक्षा व्यवस्था
डीजीपी ने प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया है। CO से लेकर IG रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि उत्तराखंड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पूरे अभियान की monitoring के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।