SIR: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर निर्वाचन आयोग सख्त, अन कलेक्टेबल’ और ASD सूची की दोबारा जांच

उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने समीक्षा बैठक की। बुधवार को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के मंडलायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ये बैठक की गई। इस दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कई अहम निर्देश दिए गए।

फील्ड विजिट कर समीक्षा करेंगे मंडलायुक्त
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बैठक में निर्देश दिए। जिसमें कहा गया कि दोनों मंडल में मंडलायुक्त जनपदों की फील्ड विजिट कर ऐसे पोलिंग बूथ का भ्रमण करें जहां “अन कलेक्टेबल” श्रेणी में मार्क मतदाताओं की संख्या अधिक है। उन्होंने निर्देश दिए मंडलायुक्त, डीईओ द्वारा जांच की गई एसएसडी सूची की भी समीक्षा करें।
अन कलेक्टेबल’ और ASD सूची की होगी दोबारा जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारी ऐब्सेंट,शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची में शामिल मतदाताओं के गणना फार्म पर यथोचित टिप्पणी अवश्य अंकित करें। ऐसी प्रत्येक टिप्पणी पर बीएलओ सहित बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त करें।
दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए लगेंगे विशेष कैंप
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ ही 800 एईआरओ की भी तैनाती की गई है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपद इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नोटिस फेज में किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी ना हो। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कैंम्प लगाने के लिए रोस्टर तैयार किया जाए।
मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतरिक्त नगर निगम,नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर कैंप का रोस्टर तैयार किया जाए।