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प्रसिद्ध लोक हास्य कलाकार घन्ना भाई ने राजनीति में भी आजमाया था हाथ, BJP ने दिया था टिकट

प्रसिद्ध लोक हास्य कलाकार घनानंद गगोडिया उर्फ घन्ना भाई ने 72 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा (Comedian Ghanna Bhai Death) कह दिया है. उनके निधन की खबर के बाद से प्रदेश भर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. आम हो या खास घन्ना भाई के निधन की खबर जिसने भी सुनी उनकी आंखें नम थी. सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घन्ना भाई के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

72 साल की उम्र में घन्ना भाई ने ली आखिरी सांस

देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में हास्य कलाकार घन्ना भाई ने आखिरी सांस ली. उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रहीं है. बता दें पिछले लंबे समय से हास्य कलाकार घनानंद गगोडिया बीमार चल रहे थे. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले चार दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे. उनके परिचितों की माने तो कुछ समय पहले यूरिन में उन्हें ब्लड आ रहा था. जिसके बाद ही चेकअप के लिए वो अस्पताल पहुंचे थे. इस दौरान खून चढ़ाने के बाद उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. 11 फरवरी को घनानंद ने आखिरी सांस ली है.

घन्ना भाई ने राजनीति में भी आजमाया था हाथ

घन्ना भाई को आपने गढ़वाली फिल्मों में लोगों को हंसाते हुए देखा होगा. क्या आप जानतें हैं कि उन्होंने राजनीती (Ghanna Bhai politics) में भी अपना हाथ आजमाया था. बता दें साल 2012 में भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में घन्ना भाई पर भरोसा जताया था. पौड़ी विधानसभा चुनाव में वह मैदान में उतरे थे. लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. साल 2022 में भी उन्होंने भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी की थी. हालांकि राजनीति में वह कुछ खास नहीं कर पाए. जिसके बाद वो चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार-प्रसार ही करते थे.

कई गढ़वाली फिल्मों और म्यूजिक एल्बम में अभिनय कर चुके हैं घन्ना भाई

बता दें दिग्गज कलाकार घनानंद का जन्म 1953 में पौड़ी के गगोड़ गांव में हुआ था. पौड़ी गढ़वाल के कैंट बोर्ड लैंसडाउन से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की थी. साल 1970 में उन्होंने हास्य कलाकार के रूप में अपने सफर की शुरुआत की. पहले घन्ना भाई रामलीला में नाटक किया करते थे. जिसके बाद 1974 में घनानंद ने रेडियो और दूरदर्शन पर भी कई कार्यक्रम किए. घनानंद ने कई गढ़वाली फिल्मों और म्यूजिक एल्बम में अभिनय किया था. जिसमें घरजवैं, चक्रचाल, बेटी-ब्वारी, जीतू बगड़वाल, सतमंगल्या, ब्वारी हो त यनि, घन्ना भाई एमबीबीएस और घन्ना गिरगिट भी शामिल है.

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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