उत्तराखंड: मजबूत भू-कानून की तरफ सरकार ने बढ़ाया एक और कदम, लिया ये फैसला


देहरादून: भू-कानून की मांग को लेकर लगातार आंदोलन हो रहा है। चुनावी साल में भू-कानून की मांग भी जोर पकड़ रही है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भू-कानूनों में संशोधन के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है।
समिति के अध्यक्ष आईएएस सुभाष कुमार (सेनि) की अध्यक्षता में सदस्यों के साथ बैठक की गई की गई। इस बैठक में आईएएस अरुण कुमार ढौंढियाल (सेनि), आईएएस डीएस गर्ब्याल (सेनि) और राजस्व सचिव बीवी आरसी पुरुषोत्तम शामिल हुए। बैठक में चर्चा के बाद कुछ अहम बिंदुओं को फाइनल किया गया। जिन पर दूसरे दौर में चर्चा होगी।
बैठक में प्राप्त प्रत्यावेदनों पर विचार करते हुए उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम-1950 की विभिन्न धाराओं पर हिमाचल प्रदेश के भू-कानून के परिप्रेक्ष्य में चर्चा की गयी। बैठक में तय किया गया कि कि इस विषय में सभी संबंधितों से सुझाव प्राप्त किये जायेंगे और आवश्यकता के अनुसार उनके साथ विचार-विमर्श किया जायेगा।
इससे एक बात तो साफ है कि सरकार ने मजबूत भू-कानून की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं। भू-कानून को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों की भावनाओं को देखते हुए समिति गठित करने का फैसला लिया था। इसके बाद वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अफसरों की एक समिति बनाई गई, जो भू-कानून की समीक्षा कर नए मजबू भू-कानून का खाका तैयार कर सरकार को सौंपेगी।