फौजी बेटे की मौत से मातम, घर के थे इकलौते कमाने वाले, एक भाई दिव्यांग तो दूसरे का हाथ खराब

बीते दिन पूर्वी सिक्किम से उत्तराखंड सहित देश के लिए बुरी खबर सामने आई थी। बीते शाम पूर्वी सिक्किम में सेना का वाहन खाई में जा गिरी जिसमे चार जवानों की मौत हो गई। बता दें कि वाहन में कुमाऊं रेजीमेंट के 6 जवान सवार थे जिनमे से 4 की मौत हो गई। इन 4 में से दो जवान उत्तराखंड के थे। 7 कुमाऊं रेजिमेंट के थे, इसमें बृजेश रौतेला” रानीखेत के ताडी़खेत विकासखंड के निवासी बताए जा रहे हैं जबकि दूसरा जवान हिमांशु नेगी रामनगर जिला नैनीताल के रहने वाला बताया जा रहा है।

 वहीं इस खबर के बाद दोनों के परिवारों में मातम छा गया। खास तौर पर हिमांशु नेगी के जो की अपने घर पर इकलौता कमाने वाला था। जी हां बता दें कि हादसे में शहीद हुए जवान हिमांशु नेगी घर में इकलौते कमाऊ थे। हिमांशु का एक भाई दिव्यांग है और दूसरे का एक हाथ खराब है। छोटी बहन बीएससी में पढ़ रही है। इस दौरान हिमांशु के शहीद होने की सूचना से परिवार गम में डूब गया है।

मली जानकारी के अनुसार हिमांशु नेगी 27 मार्च 2019 को हिमांशु कुमाऊँ रेजीमेंट में बतौर सिपाही भर्ती हुआ था। जवान के घर में मां कमला देवी, दो भाई और एक बहन के साथ दादी रहती हैं। उसकी छोटी बहन दीपा राम नगर के पीएनजी कॉलेज में बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्रा है। हिमांशु के दादा जय सिंह भी फौज में सिपाही थे। वह भी 1980 में गंगटोक में ही शहीद हुए थे। हिमांशु का सपना था कि वह बहन और भाइयों के लिए कुछ करे और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करके कुछ बनाए। हिमांशु की इच्छा थी कि चारों भाई-बहन एक साथ शादी करें। पूरा परिवार उसकी शादी की राह देख रहा था। इसी दौरान आई इस मनहूस खबर ने सारी खुशियों को उजाड़ कर रख दिया।

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