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चमोली त्रासदी : हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही आपदा प्रभावित लोगों को राशन किट, बढ़ी मृतकों की संख्या

Breaking uttarakhand newsचमोली : चमोली में आई त्रासदी में मरने वालों संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं लापता लोगों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। बता दें कि अभी अभी खबर आई है कि अब तक 18 शवों के मिलने की सूचना मिली है। मौके पर डीजी अशोक कुमार हैं। हेलीकॉप्टर से राशन किट आपदा प्रभावित लोगों के लिए भेजी गई है। मौके पर डीएम स्वाति भदौरिया भी मौजूद है। सुरंग में कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका है औऱ रेस्क्यू जारी है।

वहीं थोड़ी देर पहले एनडीआरएफ के डीजी एसएन प्रधान ने बताया कि ढाई किमी. लंबी सुरंग में राहत बचाव कार्य जारी है। 27 लोगों को जिंदा निकाला गया है। 11 शव बरामद किए गए हैं। वहीं कुल 153 लोग लापता हैं। बताया कि 40 से 50 लोग अभी सुरंग में फंसे हुए हैं। शेष लोगों के मलबे में बह जाने की आशंका है। वहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लगभग 203 लोग आपदा में लापता हुए हैं। जिनमें से 11 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। हमें कल तक एक सहायक कंपनी के प्रोजेक्ट तपोवन के बारे में पता नहीं था। हम यह मानकर चल रहे हैं कि दूसरी सुरंग में 35 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है। वहीं बता दें कि गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन- स्नो एंड एवलांच स्टडी इस्टेब्लिशमेंट संस्था (एसएएसई) के वैज्ञानिकों की एक टीम कल रात देहरादून के लिए रवाना हुई। जोशीमठ क्षेत्र से निगरानी के लिए वैज्ञानिकों की टीम रवाना हो रही है।

वहीं बता दें कि हेलीकॉप्टर के माध्यम से आपका प्रभावित लोगों को राशन वितरित किया जा रहा है। जिसमे आटा, चावल, दाल, चीनी, दूध पाउडर, चयपत्ती, माचिस, मोमबत्ती, नहाने कपड़े धोने की साबुन समेत मसाले और तेल शामिल है।

बता दें कि गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री डा धन सिह रावत, विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी तपोवन एवं रैणी मे आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। इस दौरान गढवाल सांसद एवं प्रभारी मंत्री प्रभावित परिवारों के परिजनों से मिले और उनको ढाढस बधाते हुए हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि यहा पर जिला प्रशासन, पुलिस, आईटीबीपी, आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ सभी मिलकर युद्ध स्तर पर रातदिन रेस्कयू मे जुटें है और जिन्दगियो को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है।

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