जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना जारी, FIR नहीं होने पर आक्रोश, कहा, किस मुंह से बेटी बचाओ नारा दे रही सरकार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना आज सोमवार को दूसरे दिन भी जारी है। पहलवानों भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से समर्थन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है।
अभी तक नहीं हुई FIR
पहलवान बजरंग पुनिया ने आरोप लगाया है कि अभी शिकायत किए हुए 48 घंटे से ज्यादा हो गया मगर अभी तक FIR नहीं हुई है। इस बार सभी का स्वागत है। कोई भी पार्टी(बीजेपी, कांग्रेस, AAP) आए, सभी का स्वागत है।
दिल्ली पुलिस कर रही जांच
वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि WFI प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों के विरोध के बीच पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने खेल मंत्रालय द्वारा गठित जांच समिति से रिपोर्ट मांगी है।
किस मुंह से बेटी बचाओ नारा दे रही सरकार
वहीं खिलाड़ियों के समर्थन में पूर्व गर्वनर सत्यपाल मलिक भी आ गए हैं। उन्होंने पूछा कि सरकार किस मुंह से बेटी बचाओ का नारा देती है। देश की बेटियां तो पिछले 3 महीने से न्याय के लिए भटक रही हैं। देश के भविष्य से खिलवाड़ सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जिस पर आरोप लग रहे हैं वह बीजेपी सांसद हैं।
बता दे कि महान मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति पहलवानों द्वारा इस वर्ष के शुरू में डब्ल्यूएफआई, उसके अध्यक्ष और कोचिंग स्टाफ के खिलाफ लगाए गए मानसिक और यौन शोषण के आरोपों को लेकर अभी भी जांच कर रही है। समिति फेडेरशन के रोजाना के कामकाज को भी देख रही है क्योंकि खेल मंत्रालय ने बृज भूषण को हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा है।
बृजभूषण सिंह के नार्को टेस्ट की मांग तेज
वहीं विनेश फोगोट ने बताया कि “सात महिला पहलवानों ने कनोट प्लेस थाने में दो दिन पहले बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दी है। इसमें से एक पहलवान नाबालिग है। इसलिए बृजभूषण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पोक्सो के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए और उन्होंने उनका नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग भी की है ।”
इंसाफ नहीं मिलने तक धरना जारी
विनेश ने पत्रकारों से बातचीत में आगे कहा कि दो दिन पहले हमनें शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, हमारा धरना जारी रहेगा। हम महिला पहलवानों को इंसाफ दिलाए बिना अब यहां से नहीं उठेंगे।