क्या अब ट्रेन में एक साल के बच्चे का भी टिकट लगेगा? दावे की सच्चाई पढ़िए

क्या अब ट्रेन में एक साल के बच्चे का भी टिकट लगेगा? मीडिया में ऐसी कुछ खबरें आई हैं जिसके मुताबिक 5 साल से कम उम्र के बच्चों को सफर करने के लिए अब पूरा टिकट लेना होगा। इन खबरों पर पीआईबी ने फैक्ट चेक कर बताया है कि ये खबरें भ्रम पैदा कर रही हैं और पूरी तरह से सही नहीं है। वहीं रेलवे ने साफ किया है कि बच्चों के टिकट से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल बच्चों के लिए टिकट के मामले में  रेलवे का नियम साफ है और उनके लिए टिकट लेना या न लेना पूरी तरफ वैकल्पिक है। ये इस आधार पर है कि आपको बच्चे के लिए बर्थ या सीट चाहिए या नहीं। तो अगर आप ने भी ये खबरें पढ़ी है और समझ नहीं पा रहे हैं कि नियम क्या हैं तो जानिए 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भारतीय रेलवे में टिकट के नियम क्या कहते हैं। पीआईबी फैक्ट चेक ने भी इस संबंध में जानकारी दी है।

नियम के अनुसार ट्रेन में एक रिजर्व्ड बर्थ या सीट पर एक ही यात्री सफर कर सकता है। हालांकि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को मातापिता के साथ रहने की आवश्यकता होती है ऐसें में रेलवे इस बात की छूट देता है कि माता या पिता अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे को अपने साथ एक सीट में बैठा सकते हैं। क्योंकि बच्चे को कोई अलग से सीट नहीं मिलती इसलिए उसे टिकट लेने की भी आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि अगर माता पिता या अभिभावक चाहते हैं कि उसके छोटे बच्चे को अलग बर्थ या सीट मिले तो वो बच्चे के लिए एक अलग सीट या बर्थ बुक कर सकते है। ऐसी स्थिति में नियम वही लागू होंगे जो आम यात्री के लिए लागू होते हैं। यानि सीट के लिए वयस्क के अनुसार भुगतान करना होगा। रेलवे के मुताबिक ये साफ है कि 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए टिकट लेना पूरी तरह से स्वैच्छिक है। सीट न मांगे जाने पर रेलवे 5 साल से कम उम्र के बच्चे से टिकट नहीं मांगेगी, हालांकि अलग सीट या बर्थ मांगे जाने पर उसके लिए टिकट लेना होगा या पहले से बर्थ की बुकिंग करानी होगी।

जानिए क्या है बच्चों के लिए टिकट के नियम

अगर बच्चा 5 साल से कम उम्र का है तो रिजर्व कंपार्टमेंट या अनरिजर्व्ड कंपार्टमेंट में टिकट लेना स्वैच्छिक होगा। नियमों के मुताबिक अगर अभिभावक सीट नहीं लेते हैं तो भी टिकट बुकिंग कराते वक्त छोटे बच्चे की जानकारी दिए गए कॉलम में देनी होगी। रेलवे इसे जानकारी के रुप में रखेगा लेकिन शुल्क सिर्फ वयस्कों या 5 साल से बड़े बच्चों का लगेगा। हालांकि अगर बच्चे के लिए अलग सीट की मांग की जाती है तो उसके लिए उतना ही किराया चुकाना होगा जितना वयस्क के टिकट पर लगता है। बर्थ मांगे जाने पर बुकिंग से लेकर छूट तक के सभी नियम लागू होते हैं।

अगर बच्चा 5 साल से अधिक और 12 साल से कम की उम्र का है तो उसके लिए हर हाल में टिकट लेना होगा। अगर आप बर्थ नहीं मांगते तो तो इस उम्र वर्ग के बच्चों के लिए किराये का आधा चुकाना होगा। हालांकि अभिभावक के द्वारा बच्चे के लिए अलग बर्थ मांगे जाने पर पूरा किराया चुकाना होगा। वहीं अगर ट्रेन पूरी तरफ से सिटिंग है जैसे शताब्दी या जन शताब्दी आदि तो इस उम्र वर्ग के बच्चों के लिए सीट लेनी होगी और पूरा किराया चुकाना होगा। जनरल डिब्बे में अगर आप यात्रा करते हैं तो इस उम्र वर्ग के बच्चों के लिए किराये का आधा चुकाना होगा।

अगर बच्चा 12 साल से बड़ा है तो उसे उम्र के आधार पर कोई छूट नहीं मिलेगी, परिजनों को उसके लिए उतना ही किराया देना होगा, जितना उस रूट पर एक वयस्क के द्वारा चुकाया जाता है।

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