बुजुर्गों के भरोसे वैतरणी नदी पार कर पाएगी कांग्रेस या युवाओं के कंधे पर उत्तराखण्ड फतेह करेगी भाजपा?

उधम सिंह नगर : उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कुछ दिन ही बाकी बचे हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में अपने बुजुर्ग प्रत्याशियों पर जरुरत से ज्यादा ही भरोसा जताया है। कांग्रेस ने चुनावी महासमर में बुजुर्गों पर दांव लगाया है। ऐसे में जनता के बीच युवाओं की गहरी पैठ का बुजुर्ग कांग्रेसी नेता कितना लाभ उठायेंगे या भारी नुकसान उठायेंगे ये तो चुनाव परिणाम ही बतायेगा। लेकिन बुजुर्ग कांग्रेसी नेताओं ने युवा नेताओं को पीछे धकेलकर अपना कुर्सी का मोह तो स्पष्ट कर ही दिया हैं। कांग्रेस ने इस बार अधिकतर बुजुर्गों को टिकट दिया है जिसमे हरीश रावत से लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल शामिल हैं।

कांग्रेस के करीब छह ऐसे उम्मीदवार, जिनकी उम्र 70 से अधिक

प्रदेश में जिस प्रकार से कांग्रेसी टिकटों का बंटवारा हुआ है, उससे तो स्पष्ट ही है कि सत्ताधारी भाजपा के युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बुजुर्ग कांग्रेस के लिए चुनावी वैतरणी पार करना आसान तो बिल्कुल भी नहीं होगा। कांग्रेस के करीब छह ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। इसके साथ ही कांग्रेस ने 60 साल से ऊपर वाले भी बड़ी संख्या में प्रत्याशी बनाए गए हैं।

किस प्रत्याशी की कितनी उम्र?

कांग्रेस ने कई सीटों पर अधिक उम्र वालों को अपना प्रत्याशी बनाया है। पूर्व सीएम हरीश रावत जहां 73 साल के हो गए हैं। वहीं रायपुर से प्रत्याशी पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट 79 वर्ष, कालाढूंगी से प्रत्याशी पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल 73 वर्ष, जागेश्वर से पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल 76 वर्ष, धर्मपुर से पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल 73 साल के हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य 70 साल के हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र वालों में चकराता से प्रत्याशी नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह 63 वर्ष के हैं। देवप्रयाग से प्रत्याशी पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी भी 63 वर्ष के हैं । कोटद्वार से प्रत्याशी पूर्व कैबिनेट से मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की उम्र 64 साल है।

विकासनगर से पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात की उम्र 65 वर्ष है। किच्छा से प्रत्याशी तिलकराज बेहड़ 64 साल के हैं। धनोल्टी से प्रत्याशी जोत सिंह बिष्ट की उम्र 67 साल है। इसके अलावा भी कई प्रत्याशियों की उम्र 60 से ऊपर है। जबकि भाजपा में 70 साल से ऊपर वाले मात्र दो प्रत्याशी कालाढूंगी से बंशीधर भगत 72 साल, डीडीहाट से बिशन सिंह चुफाल 71 वर्ष के हैं। अब चुनावी परिणाम ही बतायेगा प्रदेश की जनता ऊर्जावान नयी सोंच युवाओं के साथ नया उत्तराखंड चाहती है या नहीं।

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