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Sulakshana Pandit Death: तन्हाई में कटा जीवन!, ठाकुर’ से की एक-तरफा मोहब्बत, कहानी सुलक्षणा पंडित की

Sulakshana Pandit Death: हिंदी सिनेमा की दिग्गज सिंगर और अभिनेत्री सुलक्षण पंडित अब इस दुनिया में नहीं रही। अपनी भावपूर्ण आवाज और यादगार भूमिकाओं के लिए जानी जाने वाली गायिका का छह नवंबर को निधन हो गया। वो 71 साल की थीं। निधन का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया जा रहा है।

नहीं रही दिग्गज अभिनेत्री और सिंगर Sulakshana Pandit Death

सुलक्षणा अपने पीछे समृद्ध विरासत छोड़ गईं हैं। बता दें कि गायिका म्यूजिकल बैकग्राउंड से आती है। 12 जुलाई 1954 में उनका जन्म छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हुआ था। उनका परिवार पहले से ही संगीत की फील्ड में था। महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की वो भतीजी थीं। तो वहीं प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित की बहन थीं।

sanjeev kumar

sanjeev kumar के साथ ‘उलझन’ में किया काम

गायिका के साथ सुलक्षणा अभिनेत्री भी थी। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म उलझन से किया। इस फिल्म में उनके साथ संजीव कुमार भी थे। जिसके बाद उन्होंने हेरा फेरी, अपनापन, खानदान, चेहरे पे चेहरा, धरम कांटा और वक्त की दीवार जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में रोल निभाया।

संजीव कुमार से की एक-तरफा मोहब्बत

सुलक्षणा का निजी जीवन काफी दुखों से भरा रहा। शानदार करियर और अपनी मनमोहक आवाज से लोगों के दिलों में राज करने के बाद भी उन्होंने कभी शादी नहीं की। वो अभिनेता संजीव कुमार(sanjeev kumar) से ताउम्र एक तरफा मोहब्बत करती थी। उनकी प्रेम कहानी एक अधूरी दास्तान के साथ जुड़ गई। संजीव ने उनके शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

sanjeev kumar

सिंगिंग के फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला

उनकी सिंगिंग की बात करें तो उनकी ये जर्नी नौ साल की उम्र से ही शुरू हो गई थी। साल 1967 में उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग से डेब्यू किया। उनको पॉपुलैरिटी ‘तू ही सागर है तू ही किनारा’ गीत से मिली। संकल्प के इस भावपूर्ण गीत के लिए उन्हें बेस्ट प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके साथ ही उन्होंने साल 1967 में फिल्म तकदीर का गाना सात समंदर पार भी गाया था। लता मंगेशकर के साथ जोड़ी में गाया गया ये गाना भी काफी पॉपुलर हुआ था।

Sulakshana Pandit Death

कई भाषाओं में गाए गानें

उन्होंने कई भाषाओं में गाने गाए है। जिसमें हिंदी, बंगाली, मराठी, उड़िया और गुजराती सहित कई भाषाओं में अपनी आवाज दी है। उन्होंने परदेसिया तेरे देश में, ये प्यार किया है और सोना रे तुझे कैसे मिलूं, बेकरार दिल टूट गया आदि गानों में उन्होंने अपनी आवाज दी है। वो अपने दौर की सबसे वर्सेटाइल प्लेबैक सिंगर के तौर पर जानी जाती है।

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