उत्तराखंड की यादों में दिलीप कुमार : जब शूटिंग के लिए आए थे नैनीताल, ये दो फेमस गाने हुए थे शूट

ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने 98 साल की उम्र में मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में आखिरी सांस ली। बता दें कि वो काफी समय से बीमार थे और उनका इलाज भी चल रहा था। अस्पताल से कई फोटोस उनकी वायरल हुई थी। वहीं आज उनका निधन हो गया है। इस खबर से बड़े पर्दे से लेकर छोटे पर्दे तक में शोक की लहर है।दिलीप कुमार का उत्तराखंड से खास नाता रहा है। बता दें कि दिलीप कुमाऱ अपनी टीम के साथ नैनीताल फिल्म की शूटिंग के लिए आए थे। फिल्म का नाम था मधुमती जिसकी शूटिंग के लिए दिलीप कुमार टीम क्रू के साथ आए थे। अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए दिलीप कुमार समेत निर्माता निर्देशक को उत्तराखंड की वादियां भा गई।

ऐसे में फिल्‍म की शूटिंग के लिए विमल दा को सबसे बेस्‍ट लोकेशन उत्‍तराखंड के पहाड़ की वादियां ही लगी। तब फिल्‍म की शूटिंग के दौरान, विमल दा और दिलीप साहेब यहां के स्‍थानीय लोगों से भी मिलते थे। मधुमती से पहले बिमल रॉय ने दिलीप कुमार और वैजयंती माला के साथ ‘देवदास’ बनायी थी, जो 1955 में रिलीज़ हुई थी। शराब में बर्बाद आशिक़ देवदास की इस कहानी ने बिमल दा को भी बर्बाद कर दिया था।

इन दो मशहूर गानों की की थी शूटिंग

बता दें कि ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार वर्ष 1958 में फिल्म मधुमति की शूटिंग के लिए सरोवर नगरी नैनीताल आए थे।मधुमती फ़िल्म की ज्‍यादातर शूटिंग नैनीताल, रानीखेत, घोड़ाखाल, वैतरणा डैम में हुई थी। मधुमती पुनर्जन्म पर आधारित हिंदी सिनेमा की पहली फिल्‍म थी। इस दौरान वो लगभग छह हफ्ते तक यहां रहे और इसी बीच उन्होंने घोड़ाखाल स्थित चीड़ के जंगलों और झरनों के बीच फिल्म के दो प्रमुख गीत ‘सुहाना सफर और यह मौसम हंसी’ और ‘दैया रे दैया चढ़ गयो पापी बिछुआ’ का फिल्मांकन किया। बता दें कि भीमताल, नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों से लोग पैदल ही शूटिंग देखने के लिए घोड़ाखाल पहुंचे थे। लोगों ने पहली बार दिलीप कुमार को सामने देखा तो देखते रह गए। यहां दिलीप कुमार की फिल्म के दो गानों को शूटिंग हुई थी।

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