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महिला का हाथ नहीं जला तो पतिव्रता वरना चरित्रहीन, खौलते तेल में हाथ डालने की ये कैसी प्रथा

आंध्र प्रदेश में महिला को स्वंय को पतिव्रता साबित करने के लिए खौलते तेल में हाथ डालने के लिए मजूबर किया गया। हालांकि एक अधिकारी ने समय पर पहुंचकर चार बच्चों की मां को ऐसा करने से रोक दिया।

घटना गुरूवार 16 नवंबर की है। चित्तुर जिले के थातिथोपु गांव में एक आदिवासी समुदाय के सामने महिला को खौलते तेल में हाथ डालना था जैसे ही वो ऐसा करने लगी तभी वहां पंचायती राड विभाग के अधिकारी ने समय पर पहुंचकर महिला को रोक दिया।

पांच लीटर तेल को खौलाया जाता है

जानकारी के अनुसार, प्रथा में पतिव्रता होने की परीक्षा के लिए पांच लीटर तेल को खौलाकर फूलों से सजे मिट्टी के बर्तन में डाला जाता है और गांव के लोग इसे देखने के लिए एकत्र होते हैं। महिला के 57 वर्षीय पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक हुआ तो उसने कई बार उसे पीटा भी था।

प्रथा में यह है नियम

प्रथा के अनुसार कहा जाता है कि महिला के हाथ नहीं जले, तो यह माना जाता है कि वह पतिव्रता है, लेकिन यदि उसके हाथ जल गए तो उसे बेवफा मान लिया जाता है। महिला चार बच्चों की मां है और वह स्वंय को पतिव्रता साबित करने के लिए इसके लिए तैयार हो गई।

इसलिए हुई महिला सहमत

महिला का कहना था कि वह अपने पति से हर दिन प्रताड़ित होती थी इसलिए उसने खुद को सही साबित करने के लिए ऐसा करने की सहमति दिखाई। वहीं एब इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है, लेकिन महिला के पति और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस ने थाने बुलाकर समझाया।  

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