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क्या है Sakat Chauth का महत्व, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को Sakat Chauth का पर्व मनाया जाता है। इस बार संकट चौथ 29 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा- व्रत करने का विधान है। मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को संतान सुख और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में संकट चौथ के दिन कुछ विशेष कार्यों को करने का जिक्र किया गया है, जिनको करने से गणपति बप्पा प्रसन्न होते हैं और साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइये जानते है संकट चौथ के दिन कौन से कार्य करना फलदायी होता है।

ऐसे करें Sakat Chauth की पूजा

संकट चौथ के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान गणेश जी का पंचामृत से स्नान करें। अब चौकी पर कपड़ा बिछाकर उनको विराजमान करें। इसके बाद रोली, चावल और फूलमाला अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती और मंत्रों का जाप करें। इसके बाद तिल के लड्डू और मोदक का भोग लगाएं।

चंद्रमा को अर्घ्य देने का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, धन लाभ, संतान प्राप्ति और संकट दूर करने के लिए चंद्र देव की पूजा की जाती है। एक लोटे में जल डालकर उसमें थोड़ा सा गंगाजल डाल लें। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें। इस दौरान गगनार्णवमाणिक्य चंद्र दाक्षायणीपते गृहाणार्घ्य मया दत्तं गणेशप्रतिरुपक मंत्र का जाप करें।

इस दिन करें तिल का दान

यदि आप कार्यों में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो संकट चौथ के दिन श्रद्धा अनुसार तिल का दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से तरक्की मार्ग खुल जाते हैं।

Sakat Chauth का शुभ मुहूर्त

जानकारी के अनुसार 20 जनवरी की सुबह 6 बजकर 10 मिनट से संकट चौथ के व्रत की शुरुआत हो गई है। इसके अगले दिन यानी 30 जनवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट पर तिथि का समापन होगा। इस बार संकट चौथ का व्रत 29 जनवरी को है। संकट चौथ के दिन चंद्रोदय रात 9 बजकर 10 मिनट पर होगा।

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