हम जिम्मेदारी के साथ कोविड से मरने वालों की लिस्ट जारी कर रहें हैं ताकि आप जागरुक हो सकें

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ये पोस्ट हम बतौर जिम्मेदार मीडिया आपको आपकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाने और सिस्टम को आने वाली भयावह स्थिती के प्रति जागरुक करने के लिए लिख रहें हैं। हम इस पोस्ट में हो सकता है कुछ तल्ख शब्दों का प्रयोग करें लेकिन हमें लगता है कि उत्तराखंड के प्रति हमारी जिम्मेदारी हमें इसकी छूट देती है कि आपको और सिस्टम को जगाने के लिए झकझोरने के लिए ऐसे शब्दों का उपयोग किया जा सके।

जैसा कि आप सभी देख रहें हैं कि देश में कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। देश के कई राज्यों में हालात बेकाबू हैं और सरकारों के हाथ से बहुत कुछ निकल चुका है। ऐसे में उत्तराखंड में हालात को काबू में रखना हमारी, आपकी, सरकार और हम सब की जिम्मेदारी है। हम उत्तराखंड के नागरिकों से हाथ जोड़ कर विनती करेंगे कि वो कोविड से बचाव के प्रति जागरुक रहें हैं और वो सभी उपाय करें जिससे आप खुद को और अपने परिवार को कोरोना से बचा सकें। बेवजह घर से बाहर न निकलें। घर के जिन सदस्यों का बाहर निकलना जरूरी है वो पूरी सतर्कता के साथ बाहर निकलें, मसलन बेहतर क्वालिटी का मास्क ढंग से लगाएं। कोशिश करें कि भीड़-भाड़ वाले इलाके में न जाना पड़े, अगर जाना बेहद जरूरी हो तो डबर मास्क लगाकर निकलें। घर लौटे तो सामान सैनिटाइज करें और खुद भी साबुन लगा कर नहाएं। बाहर के कपड़ों को धोने के लिए डाल दें। घर के लिए जरूरी सामान एक बार में ही ले आएं ताकि बार बार बाहर निकलने से बचा जा सके। ये सभी उपाय आप किसी और के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए और अपने परिवार के लिए ही कर रहें हैं। आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका परिवार भी सुरक्षित रहेगा।

हम आपको ये बताकर डराना नहीं चाहते हैं लेकिन राज्य में कोरोना से लगातार मौतें हो रहीं हैं। 22 अप्रैल से 26 अप्रैल तक राज्य भर में 260 मरीजों की मौत हो चुकी है। ये कोरोना के भयावह होने की गवाही नहीं तो और क्या है? हम दुख और माफी के साथ 26 अप्रैल को राज्य भर में कोरोना से हुई 67 मौतों की पूरी सूची अपनी इस पोस्ट में साझा कर रहें हैं। हम फिर कहते हैं कि इस मृतकों की लिस्ट को साझा कर हम आपको डराना हरगिज नहीं चाहते लेकिन आपको कोरोना से बचाव के प्रति जागरुक और बहुत अधिक जागरुक करना चाहते हैं। क्योंकि हम चाहते हैं कि उत्तराखंड का एक भी नागरिक ऑक्सीजन की कमी से तड़पता हुआ न दिखे, अस्पतालों के बाहर एंबुलेंसों की लाइन न दिखे। ऐसा तभी हो सकता है जब हम और आप, हम सभी मिलकर कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को लड़ें और जीतें।

 

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