उत्तराखंड : कोरोना काल में परेशान हुए चालक, सरकार को दी गाड़ियों में आग लगाने की चेतावनी

हरिद्वार : कोरोना काल में प्राइवेट नौकरी करने वाले हर किसी के आगे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों से लेकर टैक्सी चालक प्राइवेट बस चालको के आगे परिवार के पालन पोषण का भारी संकट खड़ा हो गया है। आज देहरादून में व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोल किया तो वहीं लक्सर के सुल्तानपुर में टेंपो ट्रैवलर्स गाड़ियों के मालिकों ने आज अपनी अपनी गाड़ियों को खड़ा कर सरकार से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

गाड़ी मालिकों का कहना है कि उत्तराखंड में गाड़ियों का व्यवसाय केवल चार धाम यात्रा पर निर्भर रहता है। कोरोना काल के चलते 2020 से 2021 से चार धाम यात्रा नहीं चल पाई, जिससे गाड़ी मालिकों और ड्राइवर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी गाड़ियों का 2 साल तक का टैक्स माफ किया जाए। गाड़ियों के परमिट की वैल्यू जो करोना काल के समय 2 साल की खत्म हो गई है सभी परमिट की वैधता 2 साल आगे बढ़ाई जाए। साथ ही 2020 से 2021 तक जो आरटीओ द्वारा टैक्सी गाड़ियों के चालान किए गए हैं। उनको बिना जुर्माने के छोड़ा जाए।

चालको ने कहा कि अगर सरकार हमारी शर्तों को नहीं मानती तो मजबूरन हमें इन गाड़ियों में आग लगानी पडे़गी।

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