उत्तराखंड : अधिकारी मौज में, खतरे में नौनिहालों की जान, भेजे जा रहे सड़े और काई लगे अंडे

चम्पावत: अगर आपके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और पौष्टिक आहार के रुप में खाने को अंडा़ दिया जाता है तो सावधान हो जाइये। या आप या आपके घर में कोई गर्भवती है और उनको पौष्टिक आहार के रुप में अंड़े दिए जा रहे हैं तो सावधान रहें। जी हां क्योंकि ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं ये अंडे फूटे हुए नहीं बल्कि सड़े हुए हैं। रह गए ना हैरान. जी हां बता दें कि सरकारी स्कूल में बच्चों को सड़े हुए अंड़े भेजे गए हैं जिससे आपके बच्चे की जान खतरे में है।

मिली जानकारी के अनुसार बाल पोषण योजना के तहत चम्पावत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को हजारों अंडे बांटने को लिए मिले हैं। यह अंडे तीन से 6 साल के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्रिक माताओं के पौष्टिक वृद्धि के लिए बांटे जाने थे। इससे पहले सरकार की ओर से टेक-होम-राशन दिया जा रहा था लेकिन इस बार पौष्टिक आहार के तौर पर निदेशालय से अंडे बांटे जाने हैं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आए अधिकतर अंडे खराब जो एक्सपायर हो चुके हैं। ये अंडे जान के लिए खतरनाक हैं।

आपको बता दें कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपने क्षेत्र में खराब अंडों को बांटने से मना कर चुकी हैं। लेकिन, उन पर जबरदस्ती बांटने का दबाव बनाया जा रहा है। खबर है कि जिले के टनकपुर बनबसा में आंगनबाड़ी केंद्रों में ही अंडे रखे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों अंडों पर काई लगी हुई है और कुछ टूटे हुए हैं। हालांकि अब अधिकारी इसकी निदेशालय को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रहा है।

चम्पावत डीपीओ राजेंद्र बिष्ट का कहना है कि, बाल पोषण योजना के तहत निदेशालय से अंडे मिले हैं। जिसमें अंडों के खराब होने की सूचना मिली है। हम इसकी रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय को भेज रहे हैं। बच्चों के सेहत के प्रति विभाग सतर्क है।

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