उत्तराखंड: सहारा बनी त्रिवेंद्र सरकार, युवाओं के आत्मनिर्भरता का सपना हो रहा साकार

देहरादून: युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़ मानी जाती है। देश का बेहतर भविष्य युवाओं पर निर्भर करता है। त्रिवेंद्र सरकार भी युवाओं हाथों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार युवाओं को प्रेरित कर रही है। उत्तराखंड के युवा ना सिर्फ राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। बल्कि, यहां के युवा अपने हुनर से देश के हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत भी बनकर उभरे हैं। इन युवाओं के साथ त्रिवेंद्र सरकार हर राह पर सहारा बनकर खड़ी नजर आ रही है।

मजबूत युवा, मजबूत राष्ट्र की तर्ज पर उत्तराखंड के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। युवाओं की सोच, मेहनत और लगन से देश का भविष्य बदलता है। युवाओं में इतनी शक्ति है कि वह अपने देश को एक नए मुकाम पर ले जाने का दम रखते हैं और सरकार भी युवाओं के इसी ज्जबे को देखते हुए उनकी हर संभव मदद के लिए हर दम तैयार रहती है।

उत्तराखंड में भी त्रिवेंद्र सरकार द्वारा युवाओं को लगातार आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सफल मार्गदर्शन में चलाई जा रही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से राज्य के युवा जहां आत्मनिर्भर बन रहे हैं, वहीं पहाड़ों से युवाओं का पलायन रोकने में भी मदद मिल रही है। सरकार ने दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के द्वारा युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिए हैं। इस योजना के तहत अपने घर को ही गेस्ट हाउस में बदलकर बड़ी संख्या में युवा उद्यमी बन रहें हैं।

कृषि आधारित कार्यों के लिए भी तीन लाख तक बिना ब्याज का कर्ज देकर राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने में भी सरकार युवाओं का सहयोग कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री सौर उर्जा योजना उत्तराखंड के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद कर रही है। एसएसएमई पॉलिसी के जरिए युवाओं के सपनों को नया आयाम मिला है। राज्य में ग्रोथ सेंटर्स की स्थापना कर त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य के युवाओं को अपनी एक अलग पहचान बनाने का अवसर दिया है।

राज्य में विकास की गतिविधियों का फ्रेमवर्क तैयार करने में पहली बार युवाओं की भी सलाह ली जा रही है। बजट पर चर्चा जैसे कार्यक्रम इसी कड़ी का हिस्सा हैं। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं में एक सकारात्मक ऊर्जा भरने वाला काम किया गया। नई तकनीक को अपनाते हुए राज्य में छात्रों के लिए वर्चुअल क्लास रूम की शुरुआत की गई है। विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों से न सिर्फ संवाद स्थापित किया जा रहा है। बल्कि उस संवाद से निकले सार को राज्य में पहली बार शासन के स्तर पर आत्मसात भी किया जा रहा है।

उत्तराखंड में सीपेट और नेशनल लॉ कॉलेज इसी कड़ी का हिस्सा हैं। इन संस्थानों की राज्य में स्थापना से न सिर्फ कौशल युक्त शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की नई पहचान बन रही है बल्कि युवाओं के कैरियर को नई दिशा भी मिल रही है। राज्य सरकार के प्रयासों से अब श्रीनगर में एनआईटी के स्थाई कैंपस की स्थापना हो रही है। राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार युवाओं के सहयोग के लिए हमेशा आगे आई है। इस सहयोग की मदद से राज्य के युवा अब आत्मनिर्भर बन रहे हंै। साथ ही राज्य के विकास में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

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