उत्तराखंड: सालों से बंद थी ये अलमारी, खुली तो निकला खजाना

रुड़की: ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के निर्देश पर कलियर पहुंचे अपर तहसीलदार ने दरगाह प्रबंधक के कमरे में रखी अलमारी का ताला खुलवाया। इसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। अपर तहसीलदार ने दरगाह में पहुंच कर अलमारी में रखें सामान की सूची तैयार कराने के बाद कर्मचारियों की मौजूदगी में फिर कमरे पर ताला लगा दिया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की अपूर्वा पांडये के निर्देश अपर तहसीलदार सुरेश पाल सैनी कलियर पहुंचे। दरगाह कार्यालय में प्रबंधक के कमरे में रखी विवादित आलमारी पर ताला लगा हुआ था। उस ताले को कारीगर से खुलवाया गया। अलमारी में 5, 10 और 20 रुपये के नोटों की दो चादर, एक छाता नोट लगा हुआ। एक कपडे़ की चादर 10 रूपये के नोट लगी हुई।

साथ ही विदेशी मुद्रा के नोटों की माला और 4 माला 10, 20 रुपये के नोटों की मिली। मोतियों का सेहरा, दो पगड़ी, चांदी की दो प्लेट, दो माला, एक कड़ा, दो अंगूठी, चार छल्ले चांदी की और कुछ पत्रावली भी मिली है। सामना निकालकर कर्मचारियों की मौजूदगी में फिर से कमरे का ताला लगा दिया गया। तत्कालीन दरगाह प्रबंधक को 9 जून को दरगाह सुपरवाइजर से रिश्वत लेते हुए देहरादून से आई विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार किया था।

इसके बाद दरगाह प्रबंधक ऑफिस को भी बंद कर दिया गया था। अपर तहसीलदार सुरेश पाल सैनी ने बताया कि रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए दरगाह प्रबंधक के कमरे का ताला खोला गया है। सामान को सूचीबद्ध और वीडियो ग्राफी कराकर लेखाकार की मौजूदगी में कमरे का ताला लगा दिया गया है।

दरगाह के भर चुके दानपत्रों की गिनती भी तैयारी की जा रही है। जल्द भरे हुए दानपत्रों की गिनती शुरू कर दी जायेगी। इस दौरान कार्यवाहक दरगाह पबंधक शफीक अहमद, सुपरवाइजर राव सिंकदर, इंतखाब आलम, हल्का लेखपाल समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here