उत्तराखंड : रिसर्च स्कॉलरों के लिए मददगार साबित होगी डॉ. पीएस खाती की ये किताब, जाने क्या है इसमे खास

देहरादून : उत्तराखंड हमारी अमूल्य धरोवर है। उत्तराखंड को देश ही नहीं दुनिया में भी पहचान मिली है। उत्तराखंड के कई पर्यटक स्थलों में लोग लाखों की संख्या में सुकून के पल बिताने आते हैं जिनमे से एक है नैनीताल…जहां तालों का भंडार है। नैनीताल दुनिया भर में एक सुंदर पर्यटक स्थल और झीलों की सुंदरता के लिए शुमार है। नैनीताल में कई झीलें हैं। दुनियाभर में शुमार नैनीताल के झीलों के पानी पर पीजी कॉलेज ऋषिकेश के एक प्रोफेसर ने शोध किया है और सम्पूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाने का काम किया है।पानी हमारे जीवन के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की ऑक्सीजन और खाना। इसी को लेकर प्रोफेसर पीएस खाती ने एक किताब प्रकाशित की है।

बता दें कि पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऋषिकेश (Sridev Suman university campus)के रसायन विज्ञान विभाग में कार्यरत प्रोफेसर डॉ पूरन सिंह खाती ने अपनी पुस्तक का प्रकाशन किया है जिसका नाम है “Pollutant Dynamics in some of the lakes of Nainital”। यह किताब बहुत ही सहज और सरल भाषा में लिखी गई है। इसमें डॉक्टर पूरण सिंह खाती ने अपने शोध कार्य को को प्रकाशित किया है। यह किताब उन विद्यार्थियों के लिए और उन रिसर्च स्कॉलरों के लिए प्रेरणादायी औऱ उपयोगी साबित होगी जो नेट-सेट समेत पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं और जो पानी पर Ph.D करना चाहते हैं और इनकी किताब बीएससी और एमएससी के विद्यार्थियो के लिये भी उपयोगी होगी जिनको पानी से संबंधित निबंध या पानी से समबन्धित जानकारी की जरूरत हो वो इस बुक को खरीद कर पढ़ सकता है। इस बुक को आप गूगल पर सर्च कर ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी और नोएडा तथा डीएसबी परिसर नैनीताल में

इस किताब में प्रोफेसर डॉक्टर खाती डॉक्टर खाती ने विशेष रुप से उन लेक्स का वर्णन किया है जिसमें डॉक्टर खाती ने अपना पीएचडी वर्क किया है। इनमे नैनीताल भीमताल 9 कुचिया ताल खुरपा ताल तथा सात ताल इन 5 लेखों में डॉक्टर खाती ने अपना शोध कार्य किया है डॉक्टर खाती ने अपना शोध कार्य अपने सुपरवाइजर प्रोफेसर एस पीएस मेहता (Ex Director डीएसबी केंपस नैनीताल) कुमाऊं यूनिवर्सिटी नैनीताल के निर्देशन में यह कार्य किया है. डॉक्टर खाती ने पानी से संबंधित कार्य आईआईटी रुड़की नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाइड्रोलॉजी गोविंद बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी पंतनगर और डब्ल्यूटीए नोएडा तथा डीएसबी परिसर नैनीताल में किया है।

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