AIIMS Rishikesh NewsHighlightUttarakhand Chamoli News

उत्तराखंड : नहीं टूटी अधिकारियों की नींद, ग्रामीणों ने खुद बना डाला पुल, जान का जोखिम

Breaking uttarakhand news

चमोली: 18 जून को भारी बारिश के चलते दशोली ब्लॉक के पाणा-ईरानी क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग बाढ़ में बह गया था। तब से जान जोखिम में डालकर लोग आवाजाही कर रहे थे। प्रशासन द्वारा पाणा-ईराणी क्षेत्र की इस बड़ी समस्या का समाधान न किए जाने के बाद ग्रामीणों ने नदी पर स्वयं ही लकड़ी का कच्चा पुल तैयार किया। पिछले दिनों उत्तराखंड में हुई बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्तों, पुलिया की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

भले ही प्रशासन की तरफ से यह कहा जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्याओं के समाधान हेतु कार्यवाही की जा रही है। लेकिन, दशौली ब्लॉक की दूरस्थ क्षेत्र पाणा-ईरानी को जोड़ने वाले एकमात्र वैकल्पिक पुल सड़क निर्माण के चलते अवरुद्ध होने से बंद हो गया था। वहीं, ग्रामीणों द्वारा अस्थाई विकल्प तैयार कर आवाजाही की जा रही है, जिससे लोगों की जान खतरे में हैं।

18 जून की बारिश में जो पुल भी बह गया था शासन और प्रशासन के सामने इस मामले को लेकर प्रशासन को ग्रामीणों ने अवगत करवाया था। लेकिन, जब प्रशासन की तरफ से यहां पर किसी भी तरह की व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीणों ने स्वयं ही अपने लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने का निर्णय लेते हुए लकड़ी का कच्चा पुल तैयार किया। हालांकि जिस तरह से ग्रामीण इस कच्चे पुल से आवाजाही करते हैं वह हर समय जोखिम भरा बना रहता है।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें