उत्तराखंड : बातें कम, काम ज्यादा, त्रिवेंद्र सरकार ने निभाया बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का वादा

देहरादून: त्रिवेंद्र सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए प्रयास कर रही है। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास स्वास्थ्य विभाग को जिम्मा है। ऐसे में इस विभाग पर सभी की नरजें लगी हुई हैं। लोगों की उम्मीदें भी ज्यादा हैं। लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। जहां अस्पतालों में संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। वहीं, डाॅक्टरों की कमी को भी पूरा किया जा रहा है।

720 डाक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया

राज्य में डाॅक्टरों की कमी को दूर करने के लिए त्रिवेंद्र रावत सरकार ने पहले दिन से ही प्रयास किए। उसके लिए नियमों को थोड़ा शिथिल भी किया गया। राज्य में फिलहाल 2400 डाॅक्टर काम कर रहे हैं। जबकि 720 डाक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, जो मार्च तक पूरी हो जाएगी। इसके अलावा 2500 नर्सों की भर्ती का रास्ता भी साफ हो चुका है। भर्ती प्रतिक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

132 एंबुलेंस खरीदीं

राज्य के पहाड़ी जिलों में एंबुलेंस की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है। ज्यादातर 108 एंबुलेंस पुरानी हो चुकी थी, जो पहाड़ी रास्तों पर नहीं चल पा रही थी। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का जिम्मेदारी संभाल रहे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभाग से नई एंबुलेंस खरीद का प्रस्ताव मांगा और 132 एंबुलेंस खरीदीं, जिनको सीएम जनता को समर्पित कर चुके हैं। 108 एंबुलेंस एक तरह से पहाड़ की लाइफलाइन हैं।

863 आईसीयू बेड और 695 वेंटीलेटर

इसके अलावा राज्य के अस्पतालों में आईसीयू और वेंटीलेटर की व्यवस्थाओं में भी सुधार लाया जा रहा है। इस क्षेत्र में पिछले 10 महीनों में काफी अच्छा काम हुआ है। राज्य के अस्पतालों में पहले जहां केवल 216 आईसीयू बेड और 116 वेन्टीलेटर्स थे। उनकी संख्या अब बढ़कर 863 आईसीयू बेड और 695 वेंटीलेटर तक पहुंच गई है। इससे लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

तीन मेडिकल कॉलेज

इसके अलावा जल्द ही तीन मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में तैयार हो जायेंगे। त्रिवेंद्र सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। यही कारण है कि त्रिवेंद्र सरकार ने एयर एंबुलेंस की सुविधा भी दी है। अलट आयुष्मान योजना पहले ही राज्य के लोगों के लिए सहारे का काम कर रही है। कुलमिलाकर देखा जाए तो त्रिवेंद्र सरकार ने पिछले 4 सालों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किए हैं।

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