उत्तराखंड : कोरोना काल में साइबर ठगों को बगैर पकड़े ही झटका दे रही STF, ऐसे ले रही एक्शन

देहरादून: कोरोना काल में लगातार दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। हर कहीं कोरोना का कहर है। कोरोना लगातार लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कोरोना महामारी के बीच भी साइबर ठग लगातार लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं। लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे लोगों पर स्पेशल टास्क फोर्स ने भी साइबर ठगों पर कार्रवाई का तरीका बदल दिया है।

एसटीएफ अब तक साइबर ठगों को पकड़ने अलग-अलग राज्यों में टीमें बनाकर भेजती थी, लेकिन कोरोना संकट के बीच ऐसा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में एसटीएफ ने इसके लिए एक अलग तरीका निकाला है। देहरादून में ही बैठकर एसटीएफ ठगी के शिकार हुए लोगों के पैसे लौटाने में जुट गई है। एसटीएफ ने ठगी के शिकार हुए तीन लोगों के 5.88 लाख रुपये वापस दिलाए। एसटीएफ ने पांच लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस करवाए।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के काशीपुर के रहने वाले एक व्यक्ति ने एक प्रार्थना पत्र दिया था। पीड़ित के अनुसार अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उनके बैंक संबंधी जानकारी हासिल कर उनके खाते से 5.48 लाख रुपये उड़ा दिए। पुलिस ने जिस बैंक खाते में पैसे गए थे, उसका पता किया तो जानकारी मिली कि धनराशि गुजरात के एक बैंक में ट्रांसफर हुई है। पुलिस ने तत्काल पैसे होल्ड कराते हुए पूरे पैसे पीड़ित के खाते में वापस कराए।

अल्मोड़ा निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए झांसा देकर बैंक खाते से 24 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए खाते को फ्रीज कराते हुए 10 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए। अशोक विहार कॉलोनी रुद्रपुर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताकर गिफ्ट के नाम पर लिंक भेजकर उनके खाते से एक लाख 14 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने खाते को फ्रीज कराते हुए ठगी गई धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराए।

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