AIIMS Rishikesh NewsHighlightUdham Singh Nagar News

उत्तराखंड: पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, ज्ञापन देने से रोका

Breaking uttarakhand news

रुद्रपुर: हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका के आदेश पर नगला मैं रह रहे लोगों के आशियाने तोड़ने का एक आदेश जारी हुआ है, जिसके मद्देनजर आज पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में नगला वासियों व कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। लेकिन उन्हें ज्ञापन देने से प्रशासन व पुलिस के द्वारा रोक दिया गया। हालांकि धक्का-मुक्की के बाद तिलकराज बेहड़ तो कलेक्ट्रेट परिसर के गेट से अंदर पहुँच गये, लेकिन बाकी कार्यकर्ताओं को गेट के बाहर धरना देना पड़ा।

इस दौरान कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण बिष्ठ की पुलिस से काफी कहा सुनी ओर धक्का मुक्की हुई। धरना प्रदर्शन कई घंटे तक चलता रहा। लेकिन, प्रशासन और पुलिस ने कलेक्ट्रेट परिसर में अपने निजी कामों से आने वाले लोगों को भी अंदर जाने से रोका, हालांकि कुछ लोगों को जाने दिया। इसके साथ ही पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ कलेक्टर परिसर के अंदर धरने पर बैठे थे। इतना ही नहीं मीडियाकर्मियों को भी पुलिस ने नहीं जाने दिया।

जिसके बाद तिलक राज बेहड़ ने आरोप लगाया कि प्रशासन लोकतंत्र के चैथे स्तंभ को भी दबाने में लगा है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मीडिया को पूरी आजादी है। मीडिया कहीं भी आ जा सकती है। लेकिन, कलेक्ट्रेट को प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने अपनी निजी संपत्ति मान ली है, जिस कारण वे कलेक्ट्रेट में आंदोलन प्रदर्शन या फिर ज्ञापन देने वाले आने लोगों को भी अब कलेक्ट्रेट की बाउंड्री के अंदर घुसने से मना कर रहे हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। लेकिन जिस तरह से आज जिला प्रशासन ने लोकतंत्र का गला घोंटकर कांग्रेस को ज्ञापन देने जाने से रोका और मीडिया पर हिटलरशाही दिखाई।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें