उत्तराखंड : अतिक्रमण हटाने का मिला नोटिस, घर उजड़ने का डर, सदमे से बुजुर्ग की मौत!

पन्तनगर थाना क्षेत्र के नगला बाईपास निवासी कार्तिक राय पुत्र स्व. नागेंद्र राय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि बीते दिन मंगलवार को वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस मिलने के बाद वह बदहवास हो गए थे। उन्होंने घर उजड़ने की आशंका में खाना पीना भी छोड दिया और आज दोपहर सदमे से उनकी मौत हो गई।

घर ना उजड़ने की मांग

मृतक बुजुर्ग के बेटे गोपाल राय ने बताया कि उनकी तीन पीढि़यां लगभग 60 वर्षों से नगला में रहकर जीवनयापन करती रही हैं। अब किसी की दिमागी खुराफात पर हाईकोर्ट ने नगला को उजाड़ने का फरमान जारी कर दिया है। लोगों का कहना है कि घर उजाड़े जाने पर वो लोग कहां जाएंगे। उन्होंने सरकार से मांग कि है कि उन्हें ना उजाड़ा जाये। इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि वो लोग काफी बर्षो से रहते आ रहे हैं और उनकी सरकार और हाईकोर्ट से अपील है कि हम गरीबों के बारे में भी सोंचें, ताकि हमारे सिर से छत न छिने। यदि राजमार्ग के चौड़ीकरण का सवाल है तो सड़क के दोनों ओर जितनी भूमि की आवश्यकता हो उतनी ले ली जा।  उन्होंने घर ना उजड़ने की मांग की है।

बताते चलें कि बीते माह नैनीताल हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए डबल खंडपीठ ने डीएम को नगला-किच्छा राजमार्ग संख्या 44 एवं विवि के स्वामित्व की भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटाकर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में डीएम ने 18 मई को पंतनगर विवि, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग व रेलवे से अपने-अपने स्वामित्व की भूमि की नापजोख कर अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। जिसपर पंत विवि ,पीडब्ल्यूडी के बाद अब वन महकमे ने 135 को थमाए नोटिस साथ ही विवि की भूमि पर अवैध रूप से काबिज 62 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर विवि प्रशासन ने बीती 10 जून को नोटिस जारी कर दो दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 17 जेन को पीडब्ल्यूडी ने भी 492 लोगों द्वारा उनकी भूमि पर अतिक्रमण चिन्हित कर उन्हें 15 दिन में भूमि खाली करने का नोटिस थमा दिया था। जिससे यहां के निवासियों व व्यापारियों में एक बार फिर हड़कंप मच गया लेकिन मामले में जनप्रतिनिधियों के दखल और नगलावासियों के कोर्ट में प्रत्यावेदन दाखिल करने से मामला लटक गया। इधर इन महकमों द्वारा अपने-अपने स्वामित्व की नापजोख के साथ ही हाईकोर्ट ने अतिक्रमणकारियों को कोई राहत नहीं देते हुए 14 जुलाई को मामले सहित प्रत्यावेदन पर सुनवाई की मिति मुकर्रर की है। जिसके बाद मंगलवार को वनमहकमे ने चिन्हित 135 अतिक्रमणकारियों को नोटिस थमा दिए है।

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