उत्तराखंड : पुष्कर मेवाड़ी ने जुन्याली में लिखा पलायन का दर्द, आप भी पढ़ें

 

हल्द्वानी: अल्मोड़ा जिले के रहने वाले युवक पुष्कर सिंह मावड़ी ने एक पुस्तक लिखी है जिसका नाम उन्होंने जुन्याली रखा है। पुष्कर ने अपनी पुस्तक ‘जुन्याली’ में पहाड़ की पीड़ा के दर्द को दर्शाया है।

अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण ब्लॉक में रहने वाले पुष्कर सिंह मावड़ी ने उत्तराखंड से हो रहे पलायन पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस पुस्तक को लिखा है, जिसमें पहाड़ पर रोजगार ना होने के कारण पलायन का जिक्र किया गया है।

साथ ही दूरस्थ पहाड़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी समस्याओं को भी पुस्तक के माध्यम से लोगों के सामने रखने का कार्य किया है, जुन्याली पुस्तक की मुख्य किरदार एक पांच वर्षीय छोटी बच्ची है, जिसके इर्द-गिर्द ही इस कहानी को लिखा गया है।

उस बच्ची को पहाड़ से होने वाले पलायन की कोई जानकारी नहीं है। बच्ची अपने आंखों के सामने पहाड़ से हो रहे पलायन को देखती है, लेकिन कोरोना लॉकडाउन में रिवर्स पलायन के बाद गांव दोबारा गुलजार हो गए, लेकिन अब उस बच्ची के सामने ही एक बार फिर गांव खाली हो रहे हैं।

पुष्कर ने अपनी पुस्तक में दर्शाया है कि गांव के लोग मकान और खेतों को छोड़कर बाहर नही जाना चाहते है लेकिन परिस्थितियों और जरूरतों को देखते हुए उन्हें यहां से पलायन करना पड़ता है, पुष्कर सिंह मावड़ी की यह पुस्तक Flipkart और पहाड़ी bazar.com पर भी उपलब्ध है जिसे लोग उत्सुकता से पढ़ रहे हैं।

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